हजारीबाग (झारखंड), 13 अगस्त झारखंड के हजारीबाग जिले में एक बांध में एक लुप्तप्राय प्रजाति का घायल गिद्ध मिला, जिसके एक पैर में बंधे छल्ले पर ‘ढाका’ लिखा हुआ था। पुलिस ने यह जानकारी दी।
विष्णुगढ़ उप-संभागीय पुलिस अधिकारी बी.एन. प्रसाद ने बताया कि जो गिद्ध मिला है वह लुप्तप्राय प्रजातियों की अनुसूची एक में आता है जिसकी गर्दन के पिछले हिस्से पर सफेद पंख होते हैं।
उन्होंने बताया कि मछुआरों के एक समूह ने सोमवार को कोनार बांध के पानी में घायल गिद्ध को देखा और वन एवं पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस, खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
गिद्ध के पैर बंधे छल्ले पर ‘जीपीओबॉक्स-2624, ढाका, बी67’ लिखा हुआ था और एक ट्रैकिंग डिवाइस भी मिला। इसके साथ एक नोट भी था जिसमें लिखा था, ‘‘अगर यह मिल जाए, तो कृपया जॉनडाटमालोटएटदीरेटआरएसपीबीडाटओआरजीडाटयूके..... पर संपर्क करें।’’
वन अधिकारी गिद्ध को उपचार के लिए अपने साथ ले गए और कुछ समय तक उसे अपनी निगरानी में रखेंगे।
पुलिस को संदेह है कि ब्रिटेन के संगठन ‘रॉयल सोसाइटी फॉर प्रोटेक्शन ऑफ बर्ड्स’ के ढाका स्थित पक्षी शोधकर्ता जॉन मालोट ने पक्षी की गतिविधि की निगरानी करने के लिए उस पर डिवाइस और एक सोलर रेडियो कॉलर लगाकर उसे छोड़ा होगा जो कि ढाका से झारखंड तक पहुंचा।
अधिकारी ने कहा कि इसका बांग्लादेश में फैली हिंसा के साथ कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी गड़बड़ी का संदेह नहीं है, लेकिन जांच जारी है।’’
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