देश की खबरें | धनशोधन जांच के लिए झारखंड के आईएएस अधिकारी ने ईडी से नयी तारीख देने का अनुरोध किया

नयी दिल्ली/रांची, 21 अप्रैल झारखंड के आईएएस अधिकारी छवि रंजन कथित अवैध भूमि की बिक्री से जुड़ी धनशोधन जांच में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष शुक्रवार को यहां पेश नहीं हुए। उन्होंने यह कहते हुए बाद में नयी तारीख मांगी कि वह अभी रांची में नहीं हैं।

ईडी ने उन्हें शाम चार बजे तक उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा था।

रंजन के वकील ने कहा कि वह शनिवार शाम को राज्य की राजधानी लौट आएंगे।

जांच के सिलसिले में 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को पहले 21 अप्रैल को रांची में प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय में अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया था।

रंजन ने उन्हें भेजे गए समन को 21 अप्रैल से आगे टालने की अपील की। ईडी ने हालांकि उनकी याचिका को खारिज कर दिया और उन्हें शुक्रवार शाम चार बजे तक गवाही सुनिश्चित करने को कहा।

रंजन के वकील अभिषेक कृष्ण गुप्ता ने कहा, “चूंकि वह शहर से बाहर हैं और शनिवार शाम को लौटेंगे, इसलिए हमने अगले सप्ताह कोई और तारीख देने का अनुरोध किया है और ईडी को आश्वासन दिया है कि वह पूछताछ के लिए पेश होंगे तथा मामले की जांच कर रही एजेंसी को पूरा सहयोग देंगे।”

ईडी ने 13 अप्रैल को आईएएस अधिकारी से संक्षिप्त पूछताछ की थी जब इस मामले में झारखंड, बिहार तथा पश्चिम बंगाल में उनके तथा अन्य लोगों के परिसरों पर छापे मारे गए थे।

ईडी के सूत्रों ने कहा था कि कोलकाता में स्थित पश्चिम बंगाल सरकार के एक सहायक रजिस्ट्रार, बीमा को भी दो मई को गवाही देने के लिए कहा गया है।

एजेंसी ने इन छापेमारी के बाद झारखंड सरकार के एक अधिकारी समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया था।

छापेमारी की कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की गई और एजेंसी कथित रूप से रक्षा भूमि सहित अन्य जमीन को हड़पने के दर्जन भर से अधिक मामलों की जांच कर रही है।

आरोप है कि इन जमीन सौदों के तहत भू ‘माफिया’, बिचौलियों और नौकरशाहों के एक समूह ने कथित तौर पर ‘साठगांठ’ की और 1932 और उसके बाद की अवधि में जमीन के जाली कागजात और दस्तावेज बनाए।

ईडी के सूत्रों ने कहा था कि इस घोटाले के तहत गरीबों और वंचितों की जमीन को ‘हड़पा’ गया।

जांच एजेंसी ने स्थानीय नगर निगम द्वारा कुछ व्यक्तिगत पहचान दस्तावेजों की जालसाजी के आरोप में दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी को संज्ञान में लेते हुए मामले की पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी।

सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान ईडी ने कई फर्जी मुहर, जमीन दस्तावेज और रजिस्ट्री दस्तावेज बरामद किए।

यह दूसरा ऐसा मामला है, जिसमें झारखंड काडर के आईएएस अधिकारी ईडी की जांच के दायरे में आए हैं। पिछले साल, ईडी ने धन शोधन से जुड़े एक मामले में झारखंड काडर की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापे मारे थे और उन्हें गिरफ्तार किया था।

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