रांची, 27 अक्टूबर झारखंड की मतदाता सूची में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक होने के मद्देनजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की सीट सहित 32 विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की अधिक संख्या वाले 32 निर्वाचन क्षेत्रों में से 26 अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए आरक्षित हैं।
इक्यासी सीट वाली झारखंड विधानसभा के लिए चुनाव 13 नवंबर और 20 नवंबर को दो चरणों में होने हैं। मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बरहेट विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है, जहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है।
इस निर्वाचन क्षेत्र में 2.25 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 1.15 लाख महिलाएं और 1.09 लाख पुरुष मतदाता हैं।
इसी तरह, सरायकेला विधानसभा क्षेत्र में 3.69 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 1.83 लाख पुरुष और 1.85 लाख महिला मतदाता शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार चंपई सोरेन सरायकेला सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेताओं के हाथों ‘अपमान’ और ‘बेइज्जती’ किये जाने का हवाला देते हुए 30 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा था।
बरहेट और सरायकेला उन 32 विधानसभा सीट में शामिल हैं, जहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है।
झारखंड में कुल 81 निर्वाचन क्षेत्रों में से 28 सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) एवं नौ अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित और बाकी सामान्य श्रेणी की सीट हैं।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव विधानसभा क्षेत्र में पुरुष मतदाताओं की तुलना में सबसे अधिक महिला मतदाता पंजीकृत हैं।
मतदाता सूची के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में 1.12 लाख पुरुष मतदाताओं की तुलना में 1.21 लाख महिला मतदाताएं पंजीकृत हैं।
झारखंड में करीब 2.60 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.31 करोड़ पुरुष और 1.29 करोड़ महिला मतदाता हैं, जबकि 2019 के विधानसभा चुनाव में यह संख्या 2.23 करोड़ थी।
ग्यारह लाख 84 हजार मतदाता पहली बार मतदान करेंगे और 1.13 लाख विकलांग और थर्ड जेंडर के वरिष्ठ नागरिक मतदान करेंगे।
राज्य में महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दल कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए भाजपा ने झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की ‘मईंया सम्मान योजना’ का मुकाबला करने के लिए ‘गोगो दीदी योजना’ शुरू की है।
मईंया सम्मान योजना के तहत राज्य की 50 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 1,000 रुपये प्रतिमाह जमा किए जाते हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो दिसंबर से यह राशि बढ़ाकर 2,500 रुपये मासिक कर दी जाएगी।
दूसरी ओर, भाजपा ने अपने पहले घोषणापत्र में झारखंड में सरकार बनने पर महिलाओं के खातों में 2,100 रुपये प्रति माह डालने का वादा किया है।
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