रांची, 19 जून झारखंड सरकार ने बुधवार को मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों के वेतन और अन्य भत्तों में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
विधायकों को अधिकतम 50 फीसदी वेतन वृद्धि मिलेगी, जबकि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को क्रमश: लगभग 25 फीसदी और 31 फीसदी की बढ़ोतरी मिलेगी। मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान यह मंजूरी दी गई।
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘कैबिनेट ने विधायकों, मंत्रियों, अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मुख्यमंत्री और विधानसभा अधिकारियों के वेतन, भत्ते और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।’’
मुख्यमंत्री का का मूल वेतन 80,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि मंत्रियों का वेतन 65,000 रुपये से बढ़ाकर 85,000 रुपये और विधायकों का वेतन 40,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष का मूल वेतन 78,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 98,000 रुपये, नेता प्रतिपक्ष का 65,000 रुपये से बढ़ाकर 85,000 रुपये और मुख्य सचेतक का 55,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
वेतन वृद्धि के अलावा भत्ते और अन्य सुविधाएं भी मंजूर की गईं।
मुख्यमंत्री के लिए क्षेत्र भत्ता 80,000 रुपये से बढ़ाकर 95,000 रुपये प्रतिमाह और जलपान भत्ता 60,000 रुपये से बढ़ाकर 70,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।
मंत्रियों का क्षेत्र भत्ता अब 80,000 रुपये से बढ़ाकर 95,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जबकि जलपान भत्ता 45,000 रुपये से बढ़ाकर 55,000 रुपये प्रतिमाह का जलपान भत्ता मिलेगा।
विधायकों का क्षेत्र भत्ता 65,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये प्रतिमाह और उनका जलपान भत्ता 30,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।
यह निर्णय मुख्यमंत्री, मंत्रियों, अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक और सचेतक के वेतन और भत्तों की समीक्षा के लिए गठित पांच-सदस्यीय समिति की सिफारिशों के बाद लिया गया।
पैनल ने पिछले साल दिसंबर में अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें मुख्यमंत्री के लिए 25 फीसदी और अन्य मंत्रियों के लिए लगभग 31 फीसदी वेतन वृद्धि की सिफारिश की गई।
इसके अतिरिक्त, पिछले साल अगस्त में एक अन्य समिति ने विधायकों का मूल वेतन 40,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव रखा और विधायकों के लिए अन्य भत्तों में वृद्धि का सुझाव दिया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY