नयी दिल्ली, 15 मई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को भारतीय औषधि बाजार में बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने के लिये जापानी कंपनियों को आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा है कि देश का औषधि उद्योग सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं के भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में दुनियाभर में स्वास्थ्य परिणाम को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे भारत को एक वैश्विक औषधि केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
मांडविया ने सोमवार को तोक्यो में भारतीय दूतावास में जापानी दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों और जापान फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (जेपीएमए) के सदस्यों के साथ बैठक में यह बात कही।
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, बैठक में जेपीएमए के महानिदेशक जुनिची शिराशि और प्रबंध निदेशक सचिको नाकागावा में मौजूद थे।
मंत्री ने भारतीय बाजार में बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने के लिये जापानी कंपनियों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में दवा उद्योग विदेशी कंपनियों से बहुत अधिक निवेश आकर्षित कर रहा है। साझेदारी और गठजोड़ देखने को मिल रहे हैं। इससे वैश्विक दवा कंपनियों के लिये भारतीय बाजार में प्रवेश को लेकर आकर्षक अवसर खुले हैं।’’
उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़ी नई प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना ने कंपनियों को वैश्विक बाजार में आपूर्ति करने के उद्देश्य से भारत में दवाओं के उत्पादन के लिये प्रोत्साहित किया है।
मांडविया ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘देश का औषधि उद्योग सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं के भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में सेवा कर दुनियाभर में स्वास्थ्य परिणाम को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे भारत को एक वैश्विक औषधि केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने वैश्विक स्तर पर टीके की आपूर्ति में लगभग 60 प्रतिशत और जेनेरिक दवाओं (वैसी दवाएं जिनका पेटेंट खत्म होने के बाद अन्य कंपनियां उसे बना रही हैं) के निर्यात में 20-22 प्रतिशत योगदान कर इनकी वैश्विक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’
मंत्री ने कहा कि भारतीय दवा उद्योग ने मुख्य रूप से जेनेरिक दवाओं के विनिर्माण, थोक दवाओं के निर्यात और दवा रसायनों की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय औषधि उद्योग में 3,000 दवा कंपनियों और 10,500 विनिर्माण इकाइयों का नेटवर्क शामिल हैं। इसके 2030 तक 130 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।’’
मांडविया ने सेल और जीन थेरेपी, जैविक उत्पादों, और डिजिटल उपकरणों के उपयोग जैसे उभरते उपचार की नई विधि और प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और नवोन्मेष के क्षेत्र में भी जापान को सहयोग के लिये आमंत्रित किया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY