किशिदा पश्चिमी जापान के वाकायामा में चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन पर देसी पाइप बम फेंका था। इस हमले में किशिदा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था, लेकिन सभा में शामिल दो अन्य लोग घायल हो गए थे।
जापान की 'क्योदो' समाचार एजेंसी ने कहा कि संदिग्ध का तीन महीने तक मनोचिकित्सकीय मूल्यांकन करने के बाद अभियोजक इस निष्कर्म पर पहुंचे हैं कि 24 वर्षीय रियूजी किमुरा मुकदमे का सामना करने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ है और हमले में इस्तेमाल किया गया बम घातक था।
'क्योदो' की खबर के मुताबिक, अदालती दस्तावेज दिखाते हैं कि किमुरा संभवतः इसलिए नाराज था, क्योंकि वह पिछले साल चुनाव के लिए उम्मीदवारी नहीं दाखिल कर सका था।
मुकदमे की तारीख अभी निर्धारित नहीं की गई है। वाकायामा जिला अदालत के अनुसार, अभियोजकों ने किमुरा पर हत्या के प्रयास और चार अन्य आरोप लगाये, जिसमें हथियार नियंत्रण कानून और विस्फोटक नियंत्रण कानून का उल्लंघन भी शामिल है। अदालत ने आरोप को स्वीकार किया।
किशिदा पर यह हमला पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या किए जाने के लगभग एक साल बाद हुआ था।
जापान में बूंदक और बम हिंसा के मामले बहुत दुर्लभ हैं और आबे व किशिदा पर किए गए जानलेवा हमलों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। हमलों के कारण गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा बढ़ाई गई और चुनाव अभियानों के दौरान सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई।
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