Japan Earthquake: भूकंप से ध्वस्त हुई इमारतों के मलबे में फंसे जीवित लोगों की तलाश जारी, 65 मृत
जापान के इशिकावा प्रांत और आसपास के इलाकों में बुधवार को 4.9 तीव्रता के झटके महसूस हुए। यह सोमवार की दोपहर को आये 7.6 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद महसूस किए गए कई झटकों में से एक था। भूकंप के कारण सुनामी की चेतावनी जारी की गई, जिसके बाद कुछ स्थानों पर एक मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठीं।
जापान के इशिकावा प्रांत और आसपास के इलाकों में बुधवार को 4.9 तीव्रता के झटके महसूस हुए. यह सोमवार की दोपहर को आये 7.6 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद महसूस किए गए कई झटकों में से एक था. भूकंप के कारण सुनामी की चेतावनी जारी की गई, जिसके बाद कुछ स्थानों पर एक मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठीं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की आपदा में विशेष रूप से शुरुआती 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि तीन दिनों के बाद किसी के जीवित बचने की संभावना बेहद कम रह जाती है.
प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘40 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है. यह समझ लीजिए कि हम एक तरह से समय के साथ दौड़ लगा रहे हैं और मुझे लगता है कि हम एक नाजुक दौर में हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें खबरें मिली हैं कि कई लोग अब भी ध्वस्त हुई इमारतों के मलबे में दबे हैं और बचाव का इंतजार कर रहे हैं.’’ राहत अधिकारी प्रभावित लोगों तक पानी, कपड़े, भोजन और अन्य सामग्री पहुंचा रहे हैं. कुछ क्षेत्रों में अभी भी पानी, बिजली और फोन सेवाएं बाधित हैं.
नाओमी गोनो ने बताया कि जैसे ही वह और उनके बच्चे घर से बाहर निकले उनका घर ढह गया. लेकिन उनके बच्चे ‘‘नानी-नानी’’ चिल्ला रहे थे और गोनो ने देखा कि उनकी मां मलबे में फंसी हुई थी और उनका केवल हाथ ही दिखाई दे रहा था. गोनो ने बताया कि उन्होंने एक बहुत छोटी सी जगह से उन्हें बाहर निकाल लिया. उन्होंने ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि हम जिंदा हैं, हम अभी डर के साये में जी रहे हैं.’’
राहत अधिकारियों ने प्रभावितों को पानी, कंबल, भोजन और अन्य सामग्री वितरित कीं। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए सेना और दमकलकर्मियों के अलावा, खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है. हालांकि, ऐसे लोगों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है. भूकंप के कारण जिन शहरों में भारी क्षति हुई, उनमें सुजु भी शामिल है। यहां के मेयर मासुहिरो इजुमिया ने कहा, ‘‘शायद ही कोई घर सही सलामत बचा हो, घर या तो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या फिर पूरी तरह तबाह हो गये हैं.’’
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में इशिकावा में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। भारी वर्षा से भूस्खलन होने की आशंका है। रातभर में तापमान के लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट के आसार हैं. इशिकावा के प्रांतीय अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में से 32 लोग वाजिमा शहर के और 22 सुजु शहर के थे। जान गंवाने वाले 11 अन्य आसपास के शहरों से है. ‘क्योदो न्यूज’ ने अपने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वाजिमा में अधिक मौतों के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 73 हो गई हैं.
भूकंप में 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें से कम से कम 25 की हालत गंभीर है. इशिकावा के गवर्नर हिरोशी हासे ने कहा कि संक्रामक रोग फैलने की आशंक को देखते हुए राहत केंद्रों में आश्रय लिये हुये लोगों से मास्क पहनने, एंटीसेप्टिक और साबुन का उपयोग करने की अपील की गई है. उन्होंने कहा कि विस्थापित लोगों के लिए पीने के पानी की आपूर्ति और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है.
उन्होंने बताया कि ऐसे केंद्रों पर लगभग 33,000 लोग आश्रय लिये हुये हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अभी ऐसे और भूकंप के झटके आ सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा, ‘‘जापान के लोगों के प्रति संवेदनाएं प्रकट करता हूं. हम अपनी ओर से सहायता की पेशकश करते हैं और जो भी सहायता मांगी जाएगी, वह प्रदान करने के लिए हम तैयार हैं.’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 03, 2024 06:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

