जापान में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या और जन्म दर में गिरावट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
वार्षिक जनसंख्या आंकड़ों के अनुसार, एक महिला द्वारा अपने जीवनकाल में बच्चों को जन्म देने की वर्ष 2021 की औसत संख्या 1.30 से गिरकर वर्ष 2022 में 1.26 रह गई, जो 2005 से रिकॉर्ड निचला स्तर है।
प्रजनन दर 2.06-2.07 की दर से काफी नीचे है जिसे जनसंख्या का तालमेल बनाए रखने के लिए आवश्यक माना जाता है।
गौरतलब है कि 12.5 करोड़ से अधिक की आबादी वाले जापान की आबादी 16 वर्षों से घट रही है और 2070 तक इसके गिरकर 8.7 करोड़ रह जाने का अनुमान है।
जन्म दर में गिरावट और बुजुर्गों की बढ़ती आबादी का अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारी प्रभाव पड़ता है क्योंकि जापान, चीन की तेजी से बढ़ती क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं का मुकाबला करने के लिए अपनी सेना को मजबूत करना चाहता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि जापान में नवजात शिशुओं की संख्या भी पिछले साल पांच फीसदी गिरकर 77,747 रह गई। वहीं, मृत्यु दर में नौ फीसदी के इजाफे के साथ देश में 15 लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई।
प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने जनसंख्या में वृद्धि के लिए उपाय सुझाने के वास्ते गठित विशेष समिति से बृहस्पतिवार को एक बैठक के दौरान कहा, ‘‘वर्ष 2030 में युवा आबादी में भारी गिरावट की संभावना से पहले हमारे लिए घटते जन्म दर में सुधार का एक आखिरी मौका है।’’
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