जापान के वित्त मंत्रालय के बुधवार को जारी अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक मई लगातार दूसरा महीना रहा है जब जापान को व्यापार घाटा हुआ है।
जापान की आमतौर पर इसके लिये आलोचना होती रही है कि वह बड़ा व्यापार अधिशेष रखता है और जिन देशों को उसके उत्पाद भारी मात्रा में निर्यात होते हैं उन देशों से वह अधिक आयात नहीं करता है।
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आंकडों के मुताबिक पिछले साल अप्रैल में भी आयात और निर्यात दोनों में गिरावट रही। जापान की आर्थिक वृद्धि उसके व्यापार और पर्यटन पर निर्भर करती है। इसके साथ ही उसका घरेलू लघु एवं मध्यम उपभोक्ता केन्द्रित कारोबार भी उसकी अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। सभी पर कोविड- 19 के चलते बुरा प्रभाव पड़ा है।
जापान से अमेरिका को होने वाला निर्यात 50 प्रतिशत से अधिक घटा है वहीं आस्ट्रेलिया को होने वाले निर्यात में 59 प्रतिशत तक कमी आई है। अमेरिका से आयात में वहीं 28 प्रतिशत जबकि आस्ट्रेलियम से होने वाले आयात में 29 प्रतिशत गिरावट आई है।
चीन के साथ होने वाले व्यापार में हालांकि सुधार दिखा है और यह पिछले साल के स्तर तक पहुंच गया है। चीन के साथ जापान के निर्यात और आयात दोनों ही 12 प्रतिशत नीचे रहे हैं।
दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था जापान पहले ही मंदी के दौर से गुजर रही है। उसकी अर्थव्यवस्था में लगातार दो तिमाही में गिरावट दर्ज की गई। पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में गिरावट दर्ज करने के बाद चालू जून में समाप्त होने वाली तिमाही में भी गिरावट का अनुमान है।
जापान की सरकार ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुये अर्थव्यवस्था में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये बड़ा राहत पैकेज जारी किया है।
एपी
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