वियतनाम की राजधानी हनोई में सोमवार को वार्ता में सुगा एवं मेजबान प्रधानमंत्री गुयेन शुआन फुक एक मूल समझौते पर सहमत हुये जिसके तहत जापान वियतनाम को रक्षा उपकरणों एवं तकनीकों का निर्यात कर सकेगा।
जापान अपने रक्षा उद्योगों को बचाये रखने के लिये हाल के वर्षों में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ संबंधों को बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
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सुगा ने कहा कि उनकी वियतनाम तथा बाद में इंडोनेशिया यात्रा बहुपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के लिए ''खुले एवं मुक्त हिंद-प्रशांत'' दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि चीन की बढ़ती शक्ति का मुकाबला किया जा सके और दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्रों में समुद्री गलियारों की सुरक्षा की जा सके।
फुक के साथ मुलाकात के बाद सुगा ने संवाददाता सम्मेलन में वियतनाम को जापान का महत्वपूर्ण सहयोगी बताया।
सुगा ने कहा, ''हिंद-प्रशांत राष्ट्र के रूप में जापान इस क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बनाये रखने में अपना सहयोग देता रहेगा ।''
उन्होंने कहा कि जापान का नेता होने के नाते उनके पहले विदेश दौरे के लिये वियतनाम सबसे माकूल स्थान है जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र का केंद्र है ।
जापान का अमेरिका, ब्रिटेन और मलेशिया तथा कई अन्य देशों के साथ पहले ही रक्षा उपकरण समझौता हो चुका है। वियतनाम अब उसका 12 वां साझीदार देश बन गया है । जापान ने अगस्त में फिलीपीन को रडार निगरानी प्रणाली मुहैया करायी थी ।
बेचे जाने वाले उपकरणों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गयी है लेकिन सुगा ने इस समझौते को द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के लिये एक ''अहम कदम'' करार दिया है ।
सुगा और फुक के बीच जिन अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर हुये हैं उनमें आर्थिक क्षेत्र एवं आतंकवाद निरोधक उपायों में सहयोग शामिल हैं ।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार एवं अन्य क्षेत्रों में भी समझौते हुये हैं ।
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