रामबन (जम्मू कश्मीर), 23 अप्रैल : विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की कई घटनाओं से प्रभावित होने के बावजूद जम्मू कश्मीर के रामबन जिले के निवासियों ने बुधवार को पूर्ण बंद रखा और पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया. इस हमले में 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए, मारे गए लोगों में ज्यादातर पर्यटक हैं.
जम्मू - श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसे इस कस्बे के इतिहास में संभवतः पहली बार मुस्लिम और हिंदू समुदायों द्वारा संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसका नेतृत्व इस्लामी विद्वानों ने किया. उन्होंने पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से इस क्षेत्र में खतरे को मिटाने के लिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की. यह भी पढ़ें : Pahalgam Terror Attack: आतंकियों की तस्वीर जारी, तलाश में जंगल का चप्पा-चप्पा छान रही सेना; भयावह हमले की पूरी कहानी
बौली बाजार की जामिया मस्जिद के इमाम गुल मोहम्मद फारूकी ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘हम पहले से ही कुदरत की मार से जूझ रहे हैं और अब इस मूर्खतापूर्ण हमले ने हमारे घाव को और गहरा कर दिया है. हम इस कृत्य की निंदा करते हैं, जो इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है.’’











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