विदेश की खबरें | जयशंकर ने ब्रिटिश एनएसए बैरो से क्षेत्रीय और वैश्चिक चुनौतियों पर ‘सार्थक चर्चा’ की
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लंदन, 15 नवंबर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टिम बैरो से मुलाकात की और क्षेत्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों पर उनके साथ ‘सार्थक चर्चा’ की।

जयशंकर द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने और ‘‘मैत्रीपूर्ण संबंधों को नयी गति’’ देने के उद्देश्य से ब्रिटेन की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं।

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ब्रिटेन के एनएसए टिम बैरो से मिलकर खुशी हुई। क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर सार्थक चर्चा हुई।’’

उन्होंने विपक्षी लेबर पार्टी में विदेश मामलों के विशेषज्ञ (जिन्हें शैडो विदेशमंत्री कहते हैं)डेविड लैमी से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ सुरक्षा एवं विकास के मुद्दों पर बातचीत की।

जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ आज सुबह शैडो विदेशमंत्री डेविड लैमी से मुलाकात कर खुशी हुई। सुरक्षा और विकास के मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग के विषयों पर चर्चा हुई। उनके दृष्टिकोण और ज्ञान की प्रशंसा करता हूं। मैं एशिया और प्रशांत क्षेत्र की शैडो मंत्री कैथरी वेस्ट को भी धन्यवाद देता हूं जो इस मौके पर साथ थीं।’’

इस सप्ताह की शुरुआत में, जयशंकर ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, नवनियुक्त विदेश मंत्री डेविड कैमरन, रक्षा मंत्री ग्रांट शाप्स और गृह मंत्री जेम्स क्लेवरली से मुलाकात की।

भारतीय उच्चायोग द्वारा सोमवार शाम यहां संसद भवन के पास वेस्टमिंस्टर सेंट्रल हॉल में आयोजित एक विशेष दीपावली समारोह में जयशंकर ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत-ब्रिटेन संबंधों का एक बड़ा केंद्र बिंदु है तथा भारत को चर्चा में दोनों पक्षों के लिए काम करने वाला एक आधार मिलने की उम्मीद है।

भारत-ब्रिटेन समग्र रणनीतिक साझेदारी की 2021 में भारत-ब्रिटेन मसौदा 2030 के साथ शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य कई क्षेत्रों में संबंधों का विस्तार करना है।

द्विपक्षीय व्यापार साझेदारी को अनुमानित तौर पर 36 अरब ब्रिटिश पाउंड तक महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लक्ष्य के साथ भारत और ब्रिटेन पिछले साल जनवरी से एक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।

अब तक वार्ता के 13 दौर हो चुके हैं और अधिकारियों को उम्मीद है कि 2024 में दोनों देशों में होने वाले आम चुनाव से पहले कोई समझौता हो जाएगा।

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