देश की खबरें | जगन मोहन ने की प्रधानमंत्री से मुलाकात, पोलावरम परियोजना सहित आंध्र के मुद्दों पर चर्चा

नयी दिल्ली, 28 दिसंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और और राज्य के विभाजन के बाद पिछले आठ साल से लंबित कई मुद्दों को सुलझाने में उनके हस्तक्षेप की मांग की।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार यहां लोक कल्याण मार्ग स्थित मोदी के आवास पर हुई करीब 50 मिनट लंबी बैठक में रेड्डी ने कहा कि संसद में केंद्र द्वारा आश्वासन दिए जाने और केंद्रीय वित्त सचिव की अध्यक्षता वाली एक विशेष समिति की कई बैठकों के बावजूद लंबित मुद्दों को सुलझाने की दिशा में ‘‘कोई प्रगति’’ नहीं हुई है।

इसके मुताबिक मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि वित्त वर्ष 2014-15 के लिए 18,330.45 करोड़ रुपये के संसाधन वित्तपोषण और राज्य को देय पेंशन बकाया सहित 32,625.25 करोड़ रुपये की भारी राशि लंबित है। उन्होंने इसे जल्द से जल्द जारी करने की मांग की।

उन्होंने आगे बताया कि वित्त मंत्रालय आंध्र प्रदेश सरकार पर उसकी स्वीकृत उधारी पर बहुत सारे प्रतिबंध लगा रहा है, जबकि पिछली तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सरकार द्वारा किए गए ऋणों को समायोजित कर रहा है, जिसने सीमा से अधिक उधार लिया था।

उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने और प्रतिबंधों को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, ‘‘वाईएसआरसीपी सरकार टीडीपी शासन की गलतियों के लिए अब कई प्रतिबंधों का सामना कर रही है।’’

रेड्डी ने स्पष्ट किया कि अगर पाबंदियां बेरोकटोक जारी रहीं तो राज्य को आर्थिक रूप से काफी नुकसान होगा, खासकर ऐसे समय में जब देश कोविड-19 महामारी के नए स्वरूप से लड़ने के लिए तैयार है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पोलावरम परियोजना की संशोधित लागत 55,548.87 करोड़ रुपये के अनुमान को भी जल्द मंजूरी देने की मांग की।

उन्होंने प्रधानमंत्री से शिकायत की कि राज्य सरकार द्वारा परियोजना पर खर्च किए गए 2,937.92 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति अपने स्वयं के राजस्व से नहीं करने के अलावा, केंद्र ने पेयजल आपूर्ति प्रणाली को परियोजना से अलग मानने का भी गलत विकल्प चुना है।

रेड्डी ने मोदी से परियोजना लागत को घटक-वार मानने की नीति को खत्म करने की अपील की क्योंकि इससे कुल परियोजना लागत बढ़ रही है और बिलों की प्रतिपूर्ति में देरी और कठिनाइयां पैदा हो रही हैं।

उन्होंने बांध की ऊंचाई बढ़ाकर 41.15 मीटर करने के प्रयासों के मद्देनजर भूमि अधिग्रहण शुरू करने और विस्थापित परिवारों के राहत और पुनर्वास के कार्यों को शुरू करने के लिए तदर्थ आधार पर तत्काल 10,485.38 करोड़ रुपये जारी करने की भी प्रधानमंत्री से अपील की।

इसके अलावा, सूत्रों ने कहा कि रेड्डी ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दक्षिणी राज्य में अधिक लाभार्थियों को शामिल करने, 12 और मेडिकल कॉलेजों के लिए मंजूरी और राज्य संचालित आंध्र प्रदेश खनिज विकास निगम (एपीएमडीसी) को खान अयस्क और समुद्र तट रेत खनिज क्षेत्रों के आवंटन की मांग की।

बाद में रेड्डी ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भी मुलाकात की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उपरोक्त मांगों को दोहराते हुए वर्ष के दौरान कई बार मोदी से मुलाकात की है।

ब्रजेन्द्र

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