देश की खबरें | आईटीबीपी ने पशु परिवहन इकाई को मजबूत किया

नयी दिल्ली, 18 सितंबर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अपने महत्वपूर्ण पशु परिवहन इकाई के लिए एक मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण योजना शुरू की है, जो पर्वतीय भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर उसकी चौकियों और कर्मियों के लिए रसद आपूर्ति बनाये रखने के लिए काम करती है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

योजना के तहत पिछले सप्ताह हेड कांस्टेबल स्तर के कुल 64 कर्मियों को सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नत किया गया है।

उन्होंने कहा कि आईटीबीपी केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आता है। मंत्रालय ने इस साल जुलाई में सीमा सुरक्षा बल की पशु परिवहन (एटी) इकाई में पहली बार एएसआई पदों के लिए भर्ती के नियमों को अधिसूचित किया। उन्होंने कहा कि एक विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) ने इन नियुक्तियों पर विचार किया और दो महीने से भी कम समय में आदेश जारी किए।

पर्वतीय क्षेत्रों में युद्ध के लिए प्रशिक्षित बल की पशु परिवहन इकाई में खच्चर, टट्टू और याक शामिल हैं और यह 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनात कर्मियों के लिए रसद, हथियार, राशन, ईंधन एवं अन्य आवश्यक चीजें पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण है।

आईटीबीपी की सीमा चौकियां 18,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर कुछ सबसे दुर्गम और दूरस्थ स्थानों पर स्थित हैं। इन स्थानों पर तापमान शून्य से नीचे चला जाता है और भारी हिमपात होता है।

आईटीबीपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पशु परिवहन इकाई में सभी 64 एएसआई के पद नये सृजित किये गए हैं और यह न केवल कर्मियों के लिए पदोन्नति के रास्ते खोलता है, बल्कि बेहतर पर्यवेक्षण और इकाई का बेहतर संचालन भी सुनिश्चित करेगा।’’

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