बेंगलुरु, 15 अक्टूबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को कहा कि अगर आने वाले दिनों में जनता दल (सेक्यूलर) का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय भी हो जाता है तो यह आश्चर्य की बात नहीं होगी।
भाजपा के साथ गठबंधन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली पार्टी को "सांप्रदायिक" बताते हुए उन्होंने जनता दल (सेक्यूलर) से उसके नाम से 'सेक्यूलर' (धर्मनिरपेक्ष) शब्द हटाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आने वाले दिनों में देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण और वोटों का ध्रुवीकरण होगा, जिसमें एक तरफ सांप्रदायिक ताकतें और दूसरी तरफ धर्मनिरपेक्ष ताकतें होंगी। भाजपा कभी भी हिंदुत्व और हिंदू राष्ट्र बनाने की अपनी योजना को नहीं छोड़ेगी। देवेगौड़ा और परिवार उनसे जुड़ गया है।”
यहां पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जद(एस) कोई राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह देवेगौड़ा और परिवार की पार्टी है। उन्होंने कहा, "यह एक परिवार की पार्टी है।"
सिद्धरमैया ने कहा, “ अगर कल जद (एस) का भाजपा में विलय हो जाए तो यह आश्चर्य की बात नहीं होगी....मुझे लगता है कि जब तक देवेगौड़ा रहेंगे तब तक यह एक अलग राजनीतिक दल के रूप में रहेगा और राजनीतिक कारणों से विलय नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसका विलय हो जाएगा।”
उन्होंने कहा कि इन दिनों भाजपा से ज्यादा जद (एस) नेता कुमारस्वामी कांग्रेस सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं।
मुख्यमंत्री तुमकुरु ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व जद (एस) विधायक गौरी शंकर और दशरहल्ली के पूर्व विधायक आर. मंजूनाथ को कांग्रेस में शामिल करने के बाद बोल रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में जद (एस) से और भी लोग कांग्रेस में शामिल होंगे और यदि वह आज उनके नामों का खुलासा करते हैं, तो उन पर जद (एस) नेतृत्व दबाव डाल सकता है।
सिद्धरमैया ने कहा, “ जद(एस) विधायकों को हासन के एक रिसॉर्ट में रखा गया था और उन्हें कुछ चीजें करने के लिए मजबूर किया गया था। वे काला जादू भी कर सकते हैं...किसी को भी ऐसी चीजों से डरना नहीं चाहिए।"
सिद्धरमैया ने कहा कि कुमारस्वामी उनसे ईर्ष्या करते हैं और इसलिए उनके बारे में झूठ फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने कर्नाटक के चमड़ा उद्योग विकास निगम लिमिटेड (एलआईडीकेएआर) से दो कुर्सियां लीं, जिसके लिए पैसा सरकार ने चुकाया। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कोई इसे मेरे लिए दो करोड़ रुपये देकर लाया था। क्या दो कुर्सियों की कीमत दो करोड़ रुपये होगी? सिर्फ झूठ...।"
उन्होंने आरोप लगाया, “ कुमारस्वामी सौ में से 99.99999 प्रतिशत झूठ बोलते हैं।”
क्षेत्रीय पार्टी को "सांप्रदायिक" बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं जनता दल को 'एस' (सेक्यूलर) नहीं कहूंगा, क्योंकि भाजपा से हाथ मिलाने के बाद उन्हें 'एस' (सेक्यूलर शब्द) को हटाना होगा। वह अपनी पार्टी के नाम के साथ 'एस' लगाने के हकदार नहीं हैं, क्योंकि वे अब एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी नहीं हैं।''
सिद्धरमैया ने कहा, "नेताओं ने सांप्रदायिक जनता दल छोड़ दिया है और धर्मनिरपेक्ष कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और मैं उनका स्वागत करता हूं।"
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी कि पांच गारंटी लागू करने से कर्नाटक दिवालिया हो जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, “नरेन्द्र मोदी जी क्या आप इस देश की अर्थव्यवस्था को जानते हैं? आपकी पार्टी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में क्या घोषणा कर रही है?"
उन्होंने केंद्र सरकार की 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' की आलोचना की। इसका उद्देश्य उन नागरिकों तक पहुंचना है जो विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के लिए पात्र हैं लेकिन अब तक लाभान्वित नहीं हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज कर्नाटक के राज्यपाल इस कार्यक्रम के लिए मैसूरु, मांड्या और चामराजनगर गए हैं, लेकिन मैंने अपने अधिकारियों से इसमें शामिल नहीं होने के लिए कहा है।"
सिद्धरमैया ने कहा, “उन्होंने (केंद्र) राज्यपाल को पत्र लिखकर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा है। राज्यपाल प्रोटोकॉल के अनुसार जाना नहीं चाहते थे... उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को जाना होता है। मैंने कहा कि प्रोटोकॉल का पालन करें लेकिन हम (राज्य सरकार) ग्राम पंचायत में लोगों को इकट्ठा करने सहित किसी भी तरह से सहयोग नहीं करेंगे।"
उन्होंने कहा कि “ प्रधानमंत्री की गारंटी’ के तौर पर प्रचार करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
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