नयी दिल्ली, 27 फरवरी आबकारी नीति घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद सोमवार को दिल्ली सरकार के सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल में मनीष सिसोदिया के संभावित प्रतिस्थापन के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि सिसोदिया अपने मंत्रिमंडल सहयोगी सत्येंद्र जैन की तरह मंत्री बने रहेंगे, लेकिन उनके विभाग दूसरों के बीच वितरित किए जाएंगे। जैन धन शोधन के आरोप में जेल में हैं।
ऐसी अटकलें हैं कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वर्तमान में उपमुख्यमंत्री के पास मौजूद कुछ प्रमुख विभागों को संभाल सकते हैं। सिसोदिया के पास दिल्ली सरकार के 33 में से 18 विभाग हैं, जिनमें शिक्षा, वित्त और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं।
पिछले साल मई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किए जाने के बाद से सिसोदिया पर काम का बोझ बढ़ गया था। सिसोदिया को जैन के स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, गृह, शहरी विकास, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, तथा पानी जैसे विभागों को सौंप दिया गया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मांग की है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सिसोदिया और जैन को मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली मंत्रिमंडल में तुरंत फेरबदल किया जाना चाहिए।
सोमवार को यहां आम आदमी पार्टी (आप) कार्यालय में भविष्य को लेकर काफी कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि सब यही कह रहे थे कि सिसोदिया और जैन मंत्रिमंडल का हिस्सा बने रहेंगे।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘किसी नए मंत्री को शामिल नहीं किया जा सकता है क्योंकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 239एए में कहा गया है कि मंत्रिपरिषद में विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या के दस प्रतिशत से अधिक सदस्य नहीं होंगे और इसका मुखिया मुख्यमंत्री होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के वित्त विभाग संभालने की प्रबल संभावना के साथ मौजूदा मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण किया जाएगा।’’
सिसोदिया का मंत्रालय कौन संभालेगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया है कि राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत अगले वित्त वर्ष के लिए दिल्ली सरकार का बजट पेश कर सकते हैं।
आप के एक पदाधिकारी ने पूर्व में ‘पीटीआई-’ से कहा था, ‘‘चूंकि इस बात की संभावना थी कि उपमुख्यमंत्री को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है, गहलोत पिछले कुछ दिनों से बजट संबंधी बैठकों में भाग ले रहे थे। गहलोत के 2023-24 का बजट पेश करने की संभावना है। इसे अगले महीने पेश किया जाना है।’’
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