देश की खबरें | उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से युवाओं को कौशल प्रदान करना जरूरी : एआईसीटीई अध्यक्ष

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर टी जी सीताराम ने बुधवार को कहा कि रोजगारोन्मुखी शिक्षा से युवाओं के सामने रोजगार की समस्या दूर होगी तथा उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को कौशल प्रदान करना जरूरी है।

एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर सीताराम ने ‘इंडस्ट्री 4.0 इंडिया कॉन्फ्रेंस’ को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की कौशल जरूरत को पूरा करने के लिए प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा को पटरी पर लाना जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘देश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कौशल शिक्षा जरूरी है। सरकार के उपक्रमों और कौशल से जुड़े संस्थानों को एक साथ आगे बढ़ना होगा।’’

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए एआईसीटीई के अध्यक्ष ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को 12वीं कक्षा के बाद नहीं बल्कि पहले शुरू करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रोजगारोन्मुखी शिक्षा से युवाओं के सामने रोजगार की समस्या दूर होंगी और वे अपने हुनर के साथ आगे बढ़ सकेंगे।

प्रो. सीताराम ने कहा कि उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को कौशल प्रदान करना जरूरी है और इसके लिए कौशल शिक्षा और उद्योग के बीच साझेदारी महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम को आस्ट्रेलिया की फेडरेशन यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष प्रो. डंकन बेंटले ने भी संबोधित किया।

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