गुवाहाटी, 29 अगस्त गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता ने मंगलवार को कहा कि मामलों की जांच तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचनी चाहिए और तलाशी एवं जब्ती में सही प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।
उन्होंने इस पहलू में सुधार सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों के जरिए आपराधिक न्याय प्रणाली के हितधारकों को प्रशिक्षण प्रदान करने पर जोर दिया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उन्होंने यहां आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार और न्याय प्रणाली के स्तंभों के बीच तालमेल स्थापित करने को लेकर एक कार्यशाला के उद्घाटन के दौरान यह बात कही।
मेहता ने कहा कि सुधार लाने के लिए आपराधिक न्याय प्रणाली के हितधारकों को विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित करने की योजना बनाने की आवश्यकता है।
बयान में कहा गया है कि इस तरह की तीन और कार्यशालाएं डेरगांव, बोंगाईगांव और सिलचर में निर्धारित हैं जिनमें जांचकर्ता, सरकारी वकील और न्यायपालिका से संबंध रखने वाले हिस्सा लेंगे।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीपी सिंह ने कहा कि असम पुलिस राष्ट्रीय औसत के बराबर दंड दर हासिल करने के लिए सभी उपाय करेगी।
असम के महाधिवक्ता देवोजीत सैकिया ने अपने संबोधन में जांच और अभियोजन में खामियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि उच्च दंड दर हासिल की जा सके।
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