नयी दिल्ली, 21 जून संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शुक्रवार को कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव आम सहमति से होना हमेशा बेहतर होता है।
उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय की है जब विपक्षी दल लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव लड़ने को लेकर उत्सुक नजर आ रहे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री से जब सवाल किया गया कि क्या लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव के संदर्भ में उन्होंने विपक्षी दलों से संपर्क किया है तो रीजीजू ने कहा, "अगर आम सहमति हो तो यह हमेशा बेहतर होता है।"
उनका कहना था कि किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत से जुड़े सवाल पर रीजीजू ने कहा, "हम बहुत जल्द कदम उठाएंगे।"
नयी यानी 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून को शुरू होगा और लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 26 जून को होना है।
लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए भाजपा नेता डी पुरंदेश्वरी, राधा मोहन सिंह और भर्तृहरि महताब के नाम चर्चा में हैं।
राजनीतिक हलकों के एक वर्ग का यह भी विचार है कि वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दूसरा कार्यकाल मिल सकता है।
लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ ने 234 सीटें जीतीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राजग ने 293 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखी। 16 सीटों के साथ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और 12 सीटों के साथ जनता दल (यू) भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी हैं। भाजपा ने 240 सीटें जीती हैं।
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