देश की खबरें | आरोपी के अधिकारों की रक्षा भी आवश्यक - अभिनेत्री पर हमले के मामले में अदालत ने कहा

कोच्चि (केरल), सात जनवरी केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि अभिनेत्री के यौन उत्पीड़न मामले में गवाहों से दूसरी बार जिरह करने के लिए पर्याप्त तर्क होना आवश्यक है। इस मामले में मलयाली अभिनेता दिलीप सहित अन्य लोग आरोपी हैं।

निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कौसर एदापगाथ ने और गवाहों को समन करने और 2017 के अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी के कॉल रिकॉर्ड की सत्यापित प्रति प्राप्त करने की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी के अधिकारों की रक्षा करना भी आवश्यक है।

अदालत ने कहा कि गवाहों से फिर से जिरह करने की याचिका महीनों बाद दायर की गई है। अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अभियोजन के पक्ष में गवाही बदलवाने के लक्ष्य से यह याचिका दायर की गई है।

अदालत ने कहा, ‘‘गवाहों से फिर से जिरह सिर्फ अभियोजन पक्ष की कमियों को छुपाने के लिए नहीं की जानी चाहिए। आरोपी के अधिकारों की भी रक्षा की जानी चाहिए।’’

अभियोजन ने 16 गवाहों को फिर से बुलाने संबंधी याचिका खारिज करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।

याचिका के अनुसार, ‘‘16 में से नौ नए गवाह हैं और सात की पहले गवाही हो चुकी है।’’

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