नयी दिल्ली, तीन अगस्त केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए समान मतदाता सूची के मुद्दे पर कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी संसद की स्थायी समिति विचार कर रही है।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि विधि आयोग ने अपनी 255वीं रिपोर्ट में संसदीय, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए समान मतदाता सूची शुरू करने का समर्थन किया था।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार विधि आयोग के सुझाव के अनुसार 'एक राष्ट्र, एक मतदाता सूची' बनाने का विचार रखती है, उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी संसद की स्थायी समिति विचार कर रही है।
उन्होंने कहा, "देश में मौजूदा चुनावी प्रथाओं में सुधार के लिए चुनाव सुधार निरंतर और सतत प्रक्रिया है।"
इससे पहले कई मौकों पर सरकार ने कहा था कि लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदाताओं की पहचान करने के लिए एक साझा मतदाता सूची से अलग-अलग सूची तैयार करने की प्रक्रिया में लगने वाले खर्च और प्रयास में कमी आएगी।
कई राज्य लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार मतदाता सूची का उपयोग करते हैं, जबकि कुछ राज्य स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपनी सूचियों का उपयोग करते हैं।
निर्वाचन आयोग को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा चुनाव कराने का अधिकार है। राज्य चुनाव आयोग, जो पूरी तरह से अलग निकाय हैं, स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव आयोजित करते हैं।
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