विदेश की खबरें | वेस्ट बैंक में इजराइली सैनिकों का फलस्तीनी चरमपंथियों के साथ संघर्ष, चार फलस्तीनियों की मौत
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस संघर्ष के दौरान इजराइली वायुसेना का इस्तेमाल किया गया जो दुर्लभ है। संघर्ष के दौरान फलस्तीनी चरमपंथियों ने इजराइली सैन्य वाहन के नजदीक धमाका कर दिया।

संघर्ष के दौरान कम से कम 45 फलस्तीनी घायल हुए हैं जिनमें से पांच की हालत गंभीर है। वहीं, इजराइली सेना ने बताया है कि अर्धसैनिक सीमा पुलिस और सेना के सात कर्मी घायल हुए हैं।

वेस्ट बैंक में पिछले एक साल से अधिक समय से लगभग प्रतिदिन हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं।

इजराइली सेना ने कहा कि जेनिन में एक छापेमारी के दौरान सैनिकों पर गोली चलाई गयी और जवाब में उन्होंने फलस्तीनी बंदूकधारियों पर हमला किया।

सेना ने कहा, ‘‘सुरक्षाबल जब शहर से निकले तो सैन्य वाहन विस्फोटक सामग्री से टकराया जिससे उसे क्षति पहुंची।’’ उसने बताया कि ‘सैनिकों को बाहर निकलने में मदद के लिए हेलीकॉप्टर से बंदूकधारियों पर जवाबी गोलाबारी की गई।’’

इजराइली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेच्ट ने बताया कि शुरुआती गोलीबारी के घंटो बाद सैनिकों को वहां फंसे कर्मियों को निकालने के लिए भेजा गया जो पांच खराब हो चुके वाहनों में फंसे थे। उन्होंने इसे ‘बचाव अभियान’ करार दिया।

हेच्ट ने कहा कि वेस्टबैंक में चरपंथियों द्वारा सड़क किनारे बम लगाने की घटना ‘‘बहुत ही असान्य और नाटकीय’’ है। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य की सैन्य रणनीति प्रभावित हो सकती है।

जेनिन के बताये जा रहे कुछ अपुष्ट वीडियो में इजराइल के एक बख्तरबंद वाहन को निशाना बना कर किया गया विस्फोट देखा जा सकता है। ऑनलाइन सामने आये एक अन्य वीडियो में इजराइली सैन्य हेलीकॉप्टर को रॉकेट छोड़ते हुए देखा जा सकता है।

इजरायली सेना बहुत ही कम अवसरों पर वेस्ट बैंक में विमानों का इस्तेमाल अभियान में करती है। इजराइली मीडिया के मुताबिक वर्ष 2000 के शुरुआत के बाद पहली बार फलस्तीन के वेस्टबैंक में विमान का इस्तेमाल किया गया है।

फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संघर्ष में मारे गए लोगों की पहचान खालिद असासा (21), कासम अबू सरिया (29), क्वाइस जबारिन (21)और अहमद सक्र (15) के तौर पर की गई है जबकि पांच लोग गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल है।

वरिष्ठ फलस्तीनी अधिकारी हुसैन अल शेख ने इजराइल पर फलस्तीनी लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया और कहा कि राष्ट्रपति महमूद अब्बास आगामी आपात बैठक में ‘अभूतपूर्व फैसला’ ले सकते हैं।

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने भी हिंसा की निंदा की और कहा कि इससे स्थिति और खराब होगी।

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