दो दिन पहले इजराइल द्वारा तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को रोकने के उद्देश्य से किए गए हमलों के बाद दोनों देश हमला और जवाबी हमला करने में लगे हैं।
इजराइल पर ईरान के मिसाइल हमलों के बीच तेहरान में भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। इजराइल के आपातकालीन अधिकारियों ने कहा कि ईरान के हमले से देश भर में कई स्थानों पर लोगों की मौत हुई है।
इजराइली आपातकालीन अधिकारियों ने बताया कि गैलिली क्षेत्र में एक इमारत पर हमले के चलते चार लोगों की मौत हो गई, वहीं मध्य इजराइल में हमले में दो महिलाओं और 10 वर्षीय लड़के की मौत हो गई।
ईरान में हताहत हुए लोगों की संख्या के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। इजराइल ने ईरान के रक्षा मुख्यालय के साथ-साथ उन स्थलों को भी निशाना बनाया जिनके बारे में उसका कहना है कि वे देश के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हैं।
ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि ईरानी मिसाइलों ने इजराइल के लड़ाकू विमानों के लिए ईंधन का उत्पादन करने वाले केन्द्रों को निशाना बनाया।
दोनों देशों के मध्य जारी संघर्ष के बीच ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता रद्द कर दी गई है।
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘तेहरान जल रहा है।’’
इजराइली सेना और ईरान के सरकारी टेलीविजन दोनों ने ईरानी मिसाइलों के नवीनतम हमले की जानकारी दी। आधी रात के करीब सुरक्षा पर इजराइली कैबिनेट की बैठक के दौरान विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
दुनियाभर के नेताओं ने तनाव कम करने और व्यापक युद्ध से बचने का तत्काल आह्वान किया है।
चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि परमाणु स्थलों पर हमले ने एक ‘‘खतरनाक मिसाल कायम की है।’’
इजराइल को व्यापक रूप से पश्चिम एशिया में एकमात्र परमाणु संपन्न देश माना जाता है। इसने कहा कि पिछले दो दिनों में ईरान पर उसके सैकड़ों हमलों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई शीर्ष जनरल, नौ वरिष्ठ वैज्ञानिक और विशेषज्ञ मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा है कि 78 लोग मारे गए और 320 से अधिक घायल हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने संबंधी दायित्वों का पालन नहीं करने के लिए बृहस्पतिवार को फटकार लगाई थी।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट किए जाने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बता चुके इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के अब तक के हमले उन हमलों की तुलना में कुछ नहीं हैं जो आने वाले दिनों में उसकी सेना करेगी।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि एक इजराइली ड्रोन ने ईरानी प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण संयंत्र पर हमला किया जिसके बाद ‘‘एक जोरदार विस्फोट’’ हुआ, जो ईरान के तेल और प्राकृतिक गैस के ठिकाने पर पहला इजराइली हमला है। इजराइल की सेना ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि ‘साउथ पार्स’ प्राकृतिक गैस क्षेत्र में कितना नुकसान हुआ है। ऐसी जगहों के चारों ओर हवाई रक्षा प्रणालियां होती हैं, जिन्हें इजराइल निशाना बनाता रहा है।
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