विदेश की खबरें | इजराइल ने वेस्ट बैंक में उग्रवादियों के गढ़ में किए ड्रोन हमले, सात फलस्तीनियों की मौत
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ये ड्रोन हमले दो दशक पूर्व दूसरे फलस्तीनी विद्रोह के दौरान बड़े पैमाने पर किए गए सैन्य हमलों की याद दिलाते हैं।

इजराइली सैनिक सोमवार की सुबह जेनिन शरणार्थी शिविर में घुसे और एक साल से अधिक समय से चल रहे संघर्ष के दौरान इलाके में सबसे बड़ा अभियान चलाया। यह हमला ऐसे वक्त में किया गया है जब इजराइली बस्तियों पर सिलसिलेवार हमलों के जवाब में कड़ी प्रतिक्रिया देने के लिए देश में दबाव बढ़ रहा है। पिछले सप्ताह इजराइली बस्तियों पर हमलों में चार लोगों की मौत हो गयी थी।

फलस्तीनी मीडिया की खबरों के अनुसार, अभियान से स्थानीय निवासियों का जनजीवन बाधित हो गया, कुछ इलाकों में बत्ती गुल हो गयी और सेना के एक बुलडोजर को संकरी गलियों से गुजरते हुए देखा गया। फलस्तीनियों तथा समीपवर्ती जॉर्डन ने हिंसा की निंदा की है।

सेना के एक प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेच ने बताया कि हमलों की योजना बनाने के लिए उग्रवादियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही एक इमारत पर हवाई हमले के साथ देर रात एक बजे अभियान शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ठिकाने को नष्ट करना तथा हथियार जब्त करना है।

उन्होंने बताया कि तकरीबन 2,000 सैनिक इस अभियान में भाग ले रहे हैं।

फलस्तीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी वफा के अनुसार, सेना ने शिविर के भीतर सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, मकानों तथा इमारतों पर कब्जा जमा लिया और छतों पर ‘स्नाइपर’ तैनात कर दिए।

फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को कम से कम सात फलस्तीनियों की मौत हो गयी है और 24 से अधिक लोग अन्य घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है।

मंत्रालय ने बताया कि एक अलग घटना में वेस्ट बैंक के रामल्ला शहर के समीप इजराइल की गोलीबारी में 21 वर्षीय फलस्तीनी नागरिक की मौत हो गयी।

फलस्तीन के राष्ट्रपति के प्रवक्ता नाबिल अबू रुदेनेह ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारे फलस्तीनी लोग झुकेंगे नहीं, आत्मसमर्पण नहीं करेंगे और इस क्रूर आक्रमण के खिलाफ अपनी सरजमीं पर डटे रहेंगे।’’

जॉर्डन ने इजराइल से वेस्ट बैंक में हमलों को रोकने का आह्वान किया है।

इजराइल के विदेश मंत्री अली कोहेन ने विदेशी पत्रकारों को दिए संबोधन के दौरान सेना के प्रयासों की प्रशंसा की और चिर प्रतिद्वंद्वी ईरान को फलस्तीनी चरमपंथी समूहों द्वारा वित्त पोषित हिंसा का जिम्मेदार बताया।

गौरतलब है कि इजराइल ने 1967 के पश्चिम एशिया युद्ध में वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पट्टी पर कब्जा जमा लिया था। फलस्तीनी अपने लिए अलग देश की मांग करते हैं और इन क्षेत्रों को वापस चाहते हैं।

एपी

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