माली सरकार ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
नेता सौमालिया सिसे और फ्रांसीसी सहायताकर्मी सोफी पेट्रोइन के रिश्तेदारों को मंगलवार को उनकी रिहाई के बारे में सूचित किया गया था, जबकि दो इतालवी बंधकों की रिहाई की खबर उनके विमान में सवार होने के बाद माली सरकार ने एक बयान में दी।
इतालवी बिशप सम्मेलन के अखबार ‘एवेनेरे’ के अनुसार द रेव. पेरलुग्गी मकाली ‘अफ्रीकन मिशनरी सोसाइटी’ से रोमन कैथोलिक मिशनरी में पादरी हैं, जिन्हें सितम्बर 2018 में अगवा किया गया था।
वहीं निकोला सिक्को को फरवरी 2018 में अगवा किया गया। ऐसा माना जाता है कि दोनों को संभवत: एक ही संगठन ने अगवा किया था।
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राष्ट्रपति के प्रवक्ता एडम थियम ने बताया कि इन सभी को लेकर विमान स्थानीय समयानुसार बृहस्पतिवार देर शाम सात बजे से थोड़ी देर पहले रवाना हुआ और उसके करीब ढाई घंटे बाद पहुंचने का अनुमान था।
वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे ‘‘एक बड़ी राहत’’ बताया।
माली अधिकारियों के 200 जिहादी कैदियों के रिहा किए जाने के कुछ दिन बाद ही इन बंधकों को रिहा किया गया है।
रिहाई के लिए फिरौती दी गई थी या नहीं इसकी तत्काल कोई जानकारी नहीं है। साहेल में चरमपंथी संगठन लंबे समय से अपहरण कर अपने खर्चे चला रहे हैं।
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