जरुरी जानकारी | इरडाई ने बीमा कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सहमति लेने की इजाजत दी

नयी दिल्ली, पांच अगस्त कोरोना वायरस महामारी के कारण सामान्य कारोबारी गतिविधियों में व्यवधान को देखते हुए बीमा नियामक इरडाई ने बुधवार को बीमा कंपनियों को संभावित पॉलिसी धारकों की सहमति इलेक्ट्रॉनिक तरीके से लेने की छूट दी।

बीमा विकास और नियामक प्राधिकरण (इरडाई) ने एक परिपत्र में कहा कि तत्काल प्रभाव से 31 दिसंबर 2020 तक प्रयोगात्मक आधार पर इसकी अनुमति दी गई है। हालांकि, यह सुविधा शुद्ध जोखिम वाले उत्पादों तक सीमित रहेगी। इसका अर्थ है कि इसके दायरे में सिर्फ ऐसी बीमा पॉलिसी शामिल होंगी, जिनमें कोई बचत का हिस्सा शामिल नहीं है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: महंगाई भत्ता को लेकर मिल सकती है ये खुशखबरी, जल्द बड़े फैसले की उम्मीद.

इरडाई ने कहा कि जीवन बीमा कंपनियों को प्रस्ताव फार्म की ठोस प्रति पर स्याही वाले हस्ताक्षर के बिना ग्राहकों की सहमति लेने की इजाजत दी गई है।

हालांकि इसके लिए यह शर्त है कि प्रस्ताव प्रपत्र को ग्राहक के पंजीकृत ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर पर ईमेल के रूप में या लिंक के साथ संदेश के रूप में भेजना होगा।

यह भी पढ़े | IIM CAT 2020: आईआईएम कैट परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, ऑफिशियल वेबसाइट iimcat.ac.in के जरिए ऑनलाइन करें आवेदन.

इसके बाद ग्राहक लिंक पर क्लिक करके या एक बार के पासवर्ड (ओटीपी) के जरिए पुष्टि कर सकते हैं।

ऐसी बीमा पॉलिसी जारी करते समय बीमा अभिकर्ताओं या मध्यस्थों को इस बात की पुष्टि करनी होगी कि ग्राहकों की सहमति लेने के दौरान सिर्फ मंजूरीप्राप्त बिक्री सामग्रियों का ही इस्तेमाल किया गया है। उन्हें संभावित ग्राहकों के ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर की पुष्टि भी करनी होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)