नयी दिल्ली, 14 फरवरी बीमा नियामक इरडा ने ऑनलाइन बीमा बाजार मंच 'बीमा सुगम' के गठन का प्रस्ताव रखा है। यह मंच बीमा उत्पाद की उपलब्धता और पहुंच बढ़ाने में मददगार होगा।
भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने अपने एक मसौदा प्रस्ताव में कहा है कि पॉलिसीधारकों को सशक्त बनाने और उनके हितों की रक्षा के लिए बीमा इलेक्ट्रॉनिक बाजार स्थल 'बीमा सुगम' स्थापित करने का प्रस्ताव है। यह एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा होगा।
इरडा ने भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (बीमा सुगम - बीमा इलेक्ट्रॉनिक बाजार स्थल) नियमन, 2024 के मसौदे पर चार मार्च तक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।
मसौदे में कहा गया है कि बीमा बाजार के गठन का उद्देश्य भारत में बीमा की पैठ बढ़ाना और इसकी उपलब्धता, पहुंच एवं व्यवहार्यता को बढ़ाना है।
इसके मुताबिक, बीमा सुगम सभी बीमा हितधारकों, ग्राहकों, बीमाकर्ताओं, मध्यस्थों या बीमा मध्यस्थों और बीमा एजेंटों के लिए एकमुश्त समाधान के तौर पर काम करेगा।
यह संपूर्ण बीमा मूल्य श्रृंखला में पारदर्शिता, दक्षता, सहयोग और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा। यह बीमा को सार्वभौम एवं लोकतांत्रिक बनाएगा और '2047 तक सबको बीमा' के दृष्टिकोण को हासिल करेगा।
मसौदा प्रस्ताव के मुताबिक, बीमा सुगम एक गैर-लाभकारी कंपनी होगी। इसकी स्थापना, संचालन एवं कामकाज के लिए नियामकीय प्रारूप को इंगित करते हुए कहा गया है, "यह कंपनी बीमा हितधारकों को विभिन्न सेवाएं प्रदान करने के लिए बाजार की स्थापना, सुविधा, विकास, संचालन और रखरखाव करेगी।"
इस कंपनी की शेयरधारिता व्यापक रूप से जीवन, साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के पास होगी और किसी एक इकाई के पास नियंत्रक हिस्सेदारी नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर शेयरधारक पूंजी में योगदान देंगे।
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