उल्लेखनीय है कि इस साल जनवरी में अमेरिकी ड्रोन ने बगदाद में हमला कर सुलेमानी को मार डाला था।
न्यायपालिका के प्रवक्ता गुलाम हुसैन इस्माइली ने दोषी के बारे में बहुत कम जानकारी दी। उन्होंने सिर्फ यह बताया कि उसका नाम महमूद मौसवी मज्द है।
हालांकि, यह सवाल भी उठ रहा है कि मज्द को कैसे सुलेमानी की यात्रा संबंधी जानकारी मिली। इस्माइली ने मज्द पर आरोप लगाया कि गार्ड और अभियान इकाई की सुरक्षा जानकारी उसने साझा की। इस इकाई को कुद्स या यरुशलम बल भी कहा जाता है कि जिसकी कमान सुलेमानी के हाथों में थी।
इस्माइली ने आरोप लगाया कि मज्द अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़ा हुआ है। बहरहाल, इस संबंध में उन्होंने कोई सबूत नहीं पेश किए और न ही खुफिया एजेंसी से प्रतिक्रिया के लिए तत्काल संपर्क हो पाया।
प्रवक्ता ने यह भी नहीं बताया कि मज्द को कब फांसी दी जाएगी, लेकिन इतना कहा कि यह जल्द होगा। वह मज्द द्वारा दी गई जानकारी से सुलेमानी की मौत को भी सीधे तौर पर जोड़ने से बचते हुए नजर आए।
उल्लेखनीय है कि तीन जनवरी को बगदाद में हुए हमले में इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलीशिया के उप कमांडर अबू मेहदी अल मुहांदीस की भी मौत हो गई थी। इस मिलीशिया समूह को पापुलर मोबिलाइजेशन फोर्स भी कहा जाता है। इनके अलावा अमेरिकी हमले में मिलीशिया के हवाई अड्डा प्रोटोकॉल अधिकारी मोहम्मद रेदा सहित पांच अन्य भी मारे गए थे।
ईरान ने सुलेमानी की हत्या के बदले में इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी थीं। उसी रात रिवोल्यूशनरी गार्ड ने गलती से यूक्रेन के यात्री विमान को मार गिराया था जिसमें 176 लोगों की मौत हो गई थी।
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