विदेश की खबरें | ईरान ने हथियार-ग्रेड के स्तर के करीब संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन तेज किया : आईएईए
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस गोपनीय रिपोर्ट की एक प्रति बुधवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) ने देखी।

विएना स्थित अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आठ फरवरी तक ईरान के पास 60 प्रतिशत तक संवर्धित 274.8 किलोग्राम यूरेनियम होने का अनुमान है। यह मात्रा नवंबर 2024 में जारी आईएईए की पिछली रिपोर्ट में आंकी गई मात्रा से 92.5 किलोग्राम अधिक है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम को तकनीकी रूप से हथियार-ग्रेड यानी परमाणु हथियारों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 90 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम से महज एक कदम दूर माना जाता है।

आईएईए की नवंबर 2024 की रिपोर्ट में ईरान के पास 60 प्रतिशत तक संवर्धित 182.3 किलोग्राम यूरेनियम होने का अनुमान जताया गया था। जबकि, एजेंसी ने अगस्त में जारी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि तेहरान ने 60 प्रतिशत तक संवर्धित 164.7 किलोग्राम यूरेनियम का उत्पादन कर लिया है।

आईएईए की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है, “ईरान द्वारा उच्च संवर्धित यूरेनियम के उत्पादन और संचय में उल्लेखनीय वृद्धि, जो कि इस तरह की परमाणु सामग्री का उत्पादन करने वाला एकमात्र गैर-परमाणु हथियार संपन्न देश है, गंभीर चिंता का विषय है।”

एजेंसी के मुताबिक, अगर 60 प्रतिशत तक संवर्धित 42 किलोग्राम को और संवर्धित करके 90 प्रतिशत संवर्धन के स्तर पर ले जाया जाए, तो यह एक परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त है।

आईएईए ने अपनी हालिया तिमाही रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया है कि आठ फरवरी तक ईरान के पास समृद्ध यूरेनियम का कुल भंडार बढ़कर 8,294.4 किलोग्राम हो गया, जो पिछले साल नवंबर में जारी रिपोर्ट में आंकी गई मात्रा से 1,690 किलोग्राम अधिक है।

ट्रंप ने अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान अमेरिका को ईरान के साथ हुए अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से अलग कर लिया था और तेहरान पर फिर से प्रतिबंध लागू कर दिए थे। जनवरी 2020 में उनके कार्यकाल में किए गए अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स का प्रमुख कासिम सुलेमानी मारा गया था।

अमेरिका सहित विभिन्न पश्चिमी देशों का दावा है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने के इरादे से संवर्धित यूरेनियम के उत्पादन की क्षमता हासिल करने की कोशिशों में जुटा है। हालांकि, तेहरान ने कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।

आईएईए प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने पहले आगाह किया था कि ईरान के पास पर्याप्त मात्रा में हथियार-ग्रेड के स्तर के करीब संवर्धित यूरेनियम है और वह चाहे तो इसका इस्तेमाल कर “कई” परमाणु बम बना सकता है।

एपी

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