नयी दिल्ली, 25 अगस्त भारत के सड़क और राजमार्ग क्षेत्र का विकास न केवल आर्थिक वृद्धि के लिए बल्कि अधिक समावेशी और संगठित समाज बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने यहां एक सम्मेलन में सड़क और राजमार्ग क्षेत्र पर जारी रिपोर्ट में यह बात कही। इसके मुताबिक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने, निवेशकों का विश्वास बढ़ाने, रोजगार पैदा करने और समावेशी विकास को सक्षम करने में सड़क अवसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, “जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए सालाना 3.7 लाख करोड़ डॉलर की अनुमानित वैश्विक बुनियादी ढांचे की पूंजीगत जरूरत के साथ, भारत के सड़क नेटवर्क के निरंतर विस्तार और मजबूती का महत्व सर्वोपरि बना हुआ है।”
रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्यों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजनाओं और निवेश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ग्रामीण सड़क विकास में भी तेजी आई है, कुल सड़क नेटवर्क में ग्रामीण सड़कों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत है।
राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) ने वित्त वर्ष 2020-25 के दौरान बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 111 लाख करोड़ रुपये के बड़े निवेश का अनुमान लगाया है, जिसमें एक महत्वपूर्ण हिस्सा सड़क क्षेत्र को आवंटित किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण के मुद्दे, सड़क की गुणवत्ता संबंधी चिंताएं, नियामक जटिलताएं और वित्तीय बाधाएं कुछ ऐसी चिंताएं हैं, जो निर्माण क्षेत्र में बनी हुई हैं।
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