नयी दिल्ली, 16 जुलाई घरेलू पूंजी बाजार में पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) के माध्यम से होने वाले निवेश में जून में लगातार तीसरे महीने बढ़त दर्ज की गयी। जून के अंत तक यह 62,138 करोड़ रुपये रहा।
पी-नोट्स को पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) जारी करते हैं। यह ऐसे विदेशी निवेशकों को जारी किया जाता है जो स्वयं प्रत्यक्ष तौर पर पंजीकरण कराए बिना भारतीय बाजारों में निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, उन्हें इसकी एक तय प्रक्रिया से गुजरना होता है।
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार घरेलू पूंजी बाजार में पी-नोट्स निवेश जून अंत तक बढ़कर 62,138 करोड़ रुपये रहा।
पी-नोट्स से होने वाले निवेश में इससे पहले भी मई और अप्रैल में बढ़त दर्ज की गयी थी। मई अंत में यह 60,027 करोड़ रुपये और अप्रैल में 57,100 करोड़ रुपये रहा था।
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जबकि मार्च अंत में यह गिरकर 15 साल के निचले स्तर 48,006 करोड़ रुपये रह गया था।
पूंजी बाजार से आशय शेयर, बांड, हाइब्रिड सिक्युरिटीज और डेरिवेटिव सभी में आने वाले निवेश से है। जून अंत तक हुये 62,138 करोड़ रुपये के कुल निवेश में से 52,171 करोड़ रुपये शेयर बाजार, 9,572 करोड़ रुपये बांड बाजार, 231 करोड़ रुपये हाइब्रिड सिक्युरिटीज और 164 करोड़ रुपये डेरिवेटिव बाजार में निवेश किए गए।
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