नयी दिल्ली, 22 जुलाई दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कथित रूप से सोशल मीडिया विज्ञापनों के ज़रिए निवेश पर निश्चित 'रिटर्न' का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया के ज़रिए पीड़ितों को निशाना बनाया और उन्हें 100 प्रतिशत अधिक ‘रिटर्न’ का वादा करके पैसा निवेश करने के लिए लुभाया।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘उन्होंने ठगी की गई धनराशि को ‘म्यूल’ बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया और कमीशन के बदले एटीएम से नकदी निकाल ली।
‘म्यूल’ खाता ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल अपराधी अवैध रूप से प्राप्त धन छुपाने या स्थानांतरण करने के लिए करते हैं।
यहां एक महिला ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि निवेश, सत्यापन और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) आदि के नाम पर पैसे स्थानांतरित करने को लेकर उससे 1.23 लाख रुपये की ठगी की गई।
उत्तरी जिले के साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया और आरोपियों को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की गई।
अधिकारी ने बताया, ‘‘जांच के दौरान पुलिस को गाजियाबाद के बी.टेक छात्र अंशुमान नाथ (23) का पता चला, जिसने धोखाधड़ी वाले लेनदेन के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उसके द्वारा किए गए खुलासे से गाजियाबाद के ही ध्रुव अग्रवाल (21) की गिरफ्तारी हुई, जिसने बिचौलिए की भूमिका निभाई और घोटाले की रकम कासगंज में मुख्य संचालक यथार्थ बंसल (22) तक पहुंचाई।’’
स्थानीय पुलिस की मदद से कासगंज में की गई छापेमारी के दौरान बंसल और उसके साथियों गौरव वर्मा (22), आदेश कुमार (24), राहुल उर्फ हरदेव (23) और कुलदीप (22) को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने बताया, ‘‘टीम ने आरोपियों से 1.39 लाख रुपये नकद, 11 मोबाइल फोन, 17 सिम कार्ड, नौ एटीएम कार्ड और बैंक की एक पासबुक बरामद की। आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली हैं।’’
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