प्रयागराज, 21 अप्रैल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कोरोना वायरस के चलते घोषित लॉकडाउन की वजह से कठिनाइयों का सामना कर रहे वकीलों की मदद के उद्देश्य से इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के खातों का परिचालन करने के लिए एक निगरानी समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह भी निर्देश दिया कि निगरानी समिति, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के जरूरतमंद सदस्यों की मदद के लिए 25 अप्रैल को या इससे पूर्व एक पूर्ण योजना बनाएगी।
अदालत ने कहा, "ऐसा करते हुए यह समिति निष्पक्ष एवं समान सहायता सुनिश्चित करेगी और साथ ही इसका पूरा लेखाजोखा भी रखेगी।’’
अदालत ने ये निर्देश पारित करते हुए कहा, "इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पास पर्याप्त कोष है, ऐसा प्रतीत होता है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों की वजह से यह जरूरतमंद सदस्यों की तुरंत सहायता उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं है। "
इस निगरानी समिति में बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष राकेश पांडे और निवर्तमान सचिव जेबी सिंह, नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह और नवनिर्वाचित सचिव प्रभा शंकर मिश्रा होंगे। अन्य सदस्यों में वरिष्ठ अधिवक्ता वीपी श्रीवास्तव और मुख्य सरकारी वकील विकास चंद्र त्रिपाठी होंगे।
अदालत ने कहा कि चूंकि अवध बार एसोसिएशन, लखनऊ ने पहले ही एक पूर्ण योजना बना ली है, उसे एक सप्ताह के भीतर इसे लागू करने का निर्देश दिया जाता है।
अदालत ने निर्देश दिया कि उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (प्रोटोकॉल) इस समिति के सदस्यों को बार एसोसिएशन का कार्यालय खोलने और उसका उपयोग करने की अनुमति देंगे। इसके अलावा, अदालत ने रजिस्ट्रार जनरल को हाईकोर्ट एडवोकेट्स क्लर्क्स (पंजीकरण) नियमों के मुताबिक अधिवक्ताओं के लिपिकों का पंजीकरण करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)













QuickLY