देहरादून, 20 जुलाई चमोली करंट हादसे को लेकर उत्तराखंड के मुख्य सचिव डा एस एस सन्धु ने चमोली के पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल को मल शोधन संयंत्र (एसटीपी) का रखरखाव कर रही कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए ।
यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सन्धु ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा है ।
चमोली कस्बे में अलकनंदा नदी के किनारे ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत बने एसटीपी में बुधवार को करंट फैलने से 16 व्यक्तियों की मौत हो गयी थी जबकि 11 अन्य घायल हो गए थे।
उधर, मुख्यमंत्री ने चमोली पहुंचकर दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की तथा गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती पांच अन्य घायलों का हालचाल लिया । बाद में उनके निर्देश पर इन घायलों को भी हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया । मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों को मानसिक दबाव से मुक्त करने तथा उच्च स्तरीय स्वास्थ्य जांच के लिए ऋषिकेश भेजा गया । गंभीर रूप से घायल छह लोग बुधवार से ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती हैं ।
धामी ने दुर्घटना में मारे गए होम गार्ड के तीनों जवानों के शवों पर भी पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी । मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह बहुत ह्रदयविदारक घटना है और हम भगवान से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना करते हैं।’’
परिजनों को ढांढस बंधाते हुए भावुक नजर आ रहे मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना से प्रभावित हुए लोगों की मदद के लिए मुआवजा सहित सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की गयी हैं। उन्होंने कहा कि घायलों का समुचित उपचार कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी घटना की जानकारी ली है और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनसे इस सबंध में बात की है ।
धामी ने कहा कि हादसे की तह तक पहुंचने के लिए घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।
इस दौरान, मुख्यमंत्री के साथ उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सतपाल महाराज और धनसिंह रावत, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कुछ विधायक और अधिकारी भी मौजूद थे।
दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद बुधवार को भी धामी चमोली के लिए रवाना हुए थे लेकिन मौसम खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा था ।
इस बीच, हादसे के मृतकों की गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गयी । हादसे का शिकार हुए हरमनी,रांगतौली और रोपा गांवों के 12 लोगों का जहां अलकनंदा नदी के तट पर पारंपरिक घाटों पर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।रूद्रप्रयाग जिले के निवासी पुलिस उपनिरीक्षक प्रदीप रावत सहित चार अन्य की अंंत्येष्टि उनके पैतृक गांवों में हुई ।
कुहेड़ और बाजपुर गांव के समीप स्थित श्मशान घाटों पर आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मृतकों को अंतिम विदाई देने आए।
हादसे के शोक में चमोली समेत आसपास के इलाकों में बाजार तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी बंद रही ।
हादसे के मददेनजर मुख्य सचिव सन्धु ने सभी परियोजनाओं एवं शासकीय कार्यालयों में विद्युत आपूर्ति के अविलंब परीक्षण कराने के निर्दश दिए हैं ।
उन्होंने अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों एवं सचिवों को अपने अधीन आने वाले विभागों के विभागाध्यक्षों को इस संबंध में निर्देश देने को कहा है । मुख्य सचिव ने सभी परियोजनाओं एवं शासकीय कार्यालय परिसरों में विद्युत सुरक्षा संबंधी उपायों का अविलंब परीक्षण कराने के साथ ही प्रभारी अधिकारी से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त करने को कहा है ।
उन्होंने सुरक्षा मानकों के परीक्षण की कार्रवाई प्रत्येक तीन माह में किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं ।
उधर, एम्स ऋषिकेश में भर्ती घायलों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। ट्रॉमा सर्जनों की टीम को संदीप नाम के मरीज की मांसपेशियों के बुरी तरह झुलस जाने के कारण उसका आधा दाहिना हाथ और आधा दाहिना पांव काटना पड़ा। हादसे में उसके गुर्दे को काफी नुकसान पहुंचा है ।
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