जयपुर, 16 अक्टूबर अजमेर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के एक वरिष्ठ अधिकारी का एक आदेश इन दिनों चर्चा में है जिसमें उन्होंने कंपनी से सम्बद्ध 17 जिलों के अधिकारियों को विभाग के एक इंजीनियर के यूट्यूब चैनल पर प्रेरक सामग्री देखने, सुनने और साझा करने का निर्देश दिया। बाद में यह निर्देश वापस ले लिया गया और मामले की जांच के आदेश दिए गए।
अजमेर डिस्कॉम के अतिरिक्त मुख्य अभियंता (प्रशिक्षण) एस के नागरानी ने नौ अक्टूबर को एक आदेश जारी करते हुए कहा कि जो कर्मचारी यूट्यूब चैनल की प्रेरक सामग्री सुने बिना आएंगे, उन्हें समय-समय पर होने वाली सुरक्षा संबंधी वार्ताओं में शामिल नहीं होने दिया जाएगा और ऐसे "लापरवाह" कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कनिष्ठ अभियंता (सुरक्षा) को सभी 17 सर्कलों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने, सभी इंजीनियरों को इसमें जोड़ने और हर शुक्रवार को ग्रुप में पोस्ट शेयर करने के निर्देश दिए।
नागरानी ने निर्देश दिए कि अधिकारी और इंजीनियर अपने अधीनस्थों के साथ-साथ बिजली उपभोक्ताओं से संबंधित ग्रुप में पोस्ट शेयर करेंगे।
आदेश के साथ ही फीडबैक फॉर्म भी जारी किया गया है, जिसमें चैनल की दस रचनाओं या विषय-वस्तु से सुझाव, प्रेरणा या सीख के लिए एक कॉलम है। आदेश में कहा गया है, "अजमेर डिस्कॉम के कनिष्ठ अभियंता (सुरक्षा) यूट्यूब चैनल "जीने की राह सुरेंद्र कुमार" पर उपलब्ध सभी प्रेरक विषय-वस्तु को पोस्ट करेंगे। वीडियो को हर शुक्रवार को सभी व्हाट्सएप ग्रुप में जारी किया जाएगा और ग्रुप के सभी सदस्य उन्हें सुनेंगे और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ तथा बिजली उपभोक्ताओं से संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप पर हर शुक्रवार को शेयर करेंगे।"
आदेश में आगे कहा गया है कि जो भी कर्मचारी चैनल की प्रेरक रचनाएं सुने बिना आएगा, उसे सुरक्षा संबंधी चर्चाओं में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे "लापरवाह" कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस आदेश में कहा गया, "यदि कोई कर्मचारी संबंधित सहायक अभियंता को सुरक्षा चर्चा शुरू होने से पहले उपस्थित होने में असमर्थता के बारे में पहले से सूचित करता है, तो उसके स्थान पर किसी अन्य कर्मचारी, जिसने सभी प्रेरक रचनाएं सुनी हों, को सुरक्षा संबंधी चर्चा में भाग लेने के लिए प्रस्तावित किया जा सकता है।"
संपर्क करने पर अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक केपी वर्मा ने पीटीआई— को बताया कि आदेश वापस ले लिया गया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
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