देश की खबरें | केंद्रीय मंत्री के खिलाफ मानहानि मामले को तीन महीने में निपटाने का विशेष अदालत को निर्देश

चेन्नई, पांच सितंबर मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को यहां एक स्थानीय अदालत को मुरासोली ट्रस्ट के संबंध में केंद्रीय मंत्री और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एल मुरुगन के खिलाफ लंबित मानहानि के एक मामले का तीन महीने के भीतर निपटारा करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश ने मुरुगन की याचिका खारिज कर दी जिन्होंने सांसदों और विधायकों के मामलों के लिए विशेष अदालत में लंबित मानहानि की कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध किया था।

न्यायाधीश ने सहायक सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त विशेष अदालत को निर्देश दिया कि मामले के निस्तारण के लिए तमिलनाडु के सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों में सुनवाई की जाए।

न्यायाधीश ने कहा कि मानहानि के अपराध में, बयानों का परीक्षण केवल एक सामान्य विवेकशील व्यक्ति के दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए, जो मानहानिकारक बयान का सामना करता है।

अदालत ने कहा कि यहां तक कि अगर याचिकाकर्ता को लगता है कि कोई लांछन नहीं लगाया गया था और उन्होंने केवल एक प्रश्न पूछा था, तो ऐसे बयानों को दूसरे पक्ष द्वारा समझा जाएगा क्योंकि याचिकाकर्ता बार-बार संपत्ति के अधिकार पर सवाल उठा रहे हैं, जिस पर मुरासोली ट्रस्ट काम कर रहा है और वह यह बात भी उठाना चाहते थे कि ट्रस्ट दलितों को दी गई पंचमी भूमि पर काम कर रहा है।

न्यायाधीश ने कहा कि मुरासोली ट्रस्ट ने याचिकाकर्ता के बयानों को इसी तरह समझा है और शिकायत में इस तरह के आरोप लगाये गये हैं कि कई अन्य ने इसे इसी तरह समझा है और इस बारे में पूछना शुरू कर दिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)