वर्ष 2014 के बजाय अब श्वेत पत्र लाने के पीछे ‘राजनीति’ नहीं ‘राष्ट्रनीति’ है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार 2014 में ही सत्ता में आने पर अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र ला सकती थी लेकिन उन्होंने 'राजनीति' के बजाय 'राष्ट्रनीति' को चुना क्योंकि वह देश का आत्मविश्वास डिगाना नहीं चाहते थे. श्वेत पत्र आम चुनाव से पहले पिछले संसद सत्र में पेश किया गया है.
नयी दिल्ली, 9 फरवरी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार 2014 में ही सत्ता में आने पर अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र ला सकती थी लेकिन उन्होंने 'राजनीति' के बजाय 'राष्ट्रनीति' को चुना क्योंकि वह देश का आत्मविश्वास डिगाना नहीं चाहते थे. श्वेत पत्र आम चुनाव से पहले पिछले संसद सत्र में पेश किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए एक श्वेत पत्र पेश किया और कहा कि उस सरकार ने अंधाधुंध राजस्व व्यय, बजट से ज्यादा उधार लेने और बैंकों पर न चुकाए गए ऋणों का बोझ बढ़ाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को गैर-निष्पादित अर्थव्यवस्था में बदल दिया था.
टाइम्स ग्रुप के ‘ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट’ को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि 2014 से पहले के दशक में देश जिन नीतियों पर चल रहा था, वे देश को दिवालियापन की राह पर ले जा रही थीं. उन्होंने कहा, ''इस पर हमने संसद में अर्थव्यवस्था पर एक श्वेत पत्र पेश किया है.'' मोदी ने कहा, “इस पर चर्चा जारी है. इतना बड़ा दर्शक वर्ग है तो मैं अपने 'मन की बात' भी कहना चाहूंगा कि जो श्वेत पत्र मैं अभी लेकर आया हूं, वह मैं 2014 में भी ला सकता था. अगर मेरा मकसद राजनीतिक लाभ लेना होता तो मैं 10 साल पहले ही ये आंकड़े लोगों के सामने रख देता.” मोदी ने कहा कि 2014 में श्वेत पत्र लाना उनके लिए राजनीतिक रूप से अनुकूल होता. यह भी पढ़ें : मौत के कुएं में जान पर खेलकर किया खतरनाक स्टंट, Viral Video देख खिसक जाएगी पैरों तले जमीन
उन्होंने कहा, “राजनीति ने मुझे ऐसा करने के लिए कहा लेकिन राष्ट्रनीति ने मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी और इसलिए, मैंने 'राजनीति' के बजाय 'राष्ट्रनीति' को चुना. और जब 10 वर्षों में स्थिति मजबूत हो गई है और हम किसी भी हमले का सामना कर सकते हैं, तब मैंने सोचा कि मुझे लोगों को सच बताना चाहिए और इसीलिए मैंने संसद में श्वेत पत्र पेश किया.” मोदी ने कहा, ‘‘जब आप इसे देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि हम कहां थे और किस स्थिति से उठकर यहां तक पहुंचे हैं. अब आप विकास की नई ऊंचाई देख रहे हैं.” मोदी ने कहा कि यह उनकी गारंटी है कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 10, 2024 12:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

