अमरावती (आंध्रप्रदेश), पांच अगस्त दलित व्यक्ति को लात मारने और अपशब्द कहने का एक वीडियो वायरल होने के बाद श्रीकाकुलम जिले में एक पुलिस निरीक्षक को बुधवार को निलंबित कर दिया गया।
पुलिस महानिरीक्षक डी जी सवांग ने कासीबुग्गा के निरीक्षक वेणुगोपाल को निलंबित कर दिया और घटना की जांच के आदेश दिये हैं।
पिछले एक पखवाड़े में इस तरह की यह तीसरी घटना है, जिसमें किसी पुलिसकर्मी को दलित व्यक्तियों के साथ बदसलूकी करते हुए पाया गया ।
राजामहेंद्रवरम में एक घटना में दलित व्यक्ति को गंजा कर दिया गया और पुलिस ने उससे मारपीट की । दूसरी घटना में, चिराला में स्थानीय पुलिस की मारपीट के बाद दलित व्यक्ति की मौत हो गयी थी।
पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने वीडियो क्लिप को ट्वीट किया और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं। इस पर डीजीपी ने कहा, ‘‘जैसा कि आरोप लगाया गया है, किसी भी राजनीतिक दल की संलिप्तता नहीं पायी गयी है।’’
श्रीकाकुलम जिले के पुलिस अधीक्षक अमित बरादर दलित व्यक्ति मारी जगन के घर पहुंचे और घटना के बारे में पूछताछ की।
उपमुख्यमंत्री (राजस्व) धर्माना कृष्ण दास ने कहा कि विशाखापत्तनम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक को घटना की जांच करने और एक रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है ।
यह घटना उस वक्त हुई जब वाईएसआरसी के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले के खिलाफ वह शिकायत दर्ज कराने के लिए गए थे ।
वीडियो में नजर आया कि जगन अपनी मां के साथ जब पहुंचे तो तेक्काली थाने के बाहर निरीक्षक खड़े थे। जगन जब बोल रहे थे तो निरीक्षक ने उन्हें लात मारा और उनसे मारपीट की और अपशब्द कहे।
हालांकि, बाद में व्यक्ति का एक और वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ गलत व्यवहार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि कुछ दलित संगठन, मीडिया और राजनीतिक दल मामले का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे हैं।
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