जरुरी जानकारी | अर्थव्यवस्था को तेजी की राह पर लाने की आरबीआई की पहल का उद्योग जगत ने किया स्वागत

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर भारतीय उद्योग जगत ने उदार मौद्रिक नीतिगत रुख बनाये रखने और आर्थिक वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दृष्टिकोण का स्वागत किया है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद कहा कि समिति के सदस्यों ने घरेलू और वैश्विक वृहद आर्थिक और वित्तीय स्थितियों का मूल्यांकन किया और नीतिगत रेपो दर को चार प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने के पक्ष में सर्वसम्मति से मतदान किया।

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दास ने कहा, ‘‘समिति ने जब तक आवश्यक हो - कम से कम चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष के दौरान- मौद्रिक नीति के उदार रुख को बनाये रखने का निर्णय लिया, ताकि आने वाले समय में मुद्रास्फीति को तय दायरे में रखना सुनिश्चित करते हुए कोविड-19 के प्रतिकूल असर को दूर कर अर्थव्यवस्था में टिकाऊ आधार पर सुधार लाया जा सके।’’

उद्योग एवं वाणिज्य संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि आरबीआई ने तरलता समर्थन, निर्यात पुनरुद्धार, ऋण सहायता और कारोबार करने में आसानी में सुधार के रूप में आर्थिक वृद्धि को सहारा देने के अतिरिक्त उपाय किये हैं। इससे केंद्रीय बैंक की अपेक्षा के अनुसार तीन स्तरीय गति से वृद्धि को जरूरी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

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उद्योग संगठन फिक्की की अध्यक्ष संगीता रेड्डी ने कहा कि आरबीआई द्वारा रेपो दर में कटौती नहीं की गयी है, जबकि कई अन्य उपायों की घोषणा की गयी है जो बाजार में ब्याज दरों को कम करने में मदद करेंगे।

एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आशावादी होने का साहस किया है, जो कोविड-19 महामारी से उत्पन्न अभूतपूर्व स्थिति का सामना करने के उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशुतोष बिश्नोई ने कहा कि इस नीतिगत घोषणा की सबसे अच्छी बात सार्वजनिक भलाई के लिये उदार रुख को बनाये रखना है।

रिलायंस होम फाइनेंस के सीईओ रविंद्र सुधलकर ने कहा कि आवास ऋण पर जोखिम के भारांक को तार्किक बनाये जाने पर रिजर्व बैंक का कदम स्वागत योग्य है।

सनटेक रियल्टी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) कमल खेतान ने कहा कि आवास ऋण पर जोखिम भारांक को तार्किक बनाया जाना लक्ष्य के अनुरूप किया गया हस्तक्षेप है। यह हस्तक्षेप ऐसे समय किया गया है, जब संपत्ति बाजार अच्छी वापसी कर रहा है।

स्पाईकर लाइफस्टाइल के सीईओ संजय वखारिया ने कहा, ‘‘दरें अपरिवर्तित हैं, ऐसे में उच्च मुद्रास्फीति निश्चित रूप से चिंता का विषय है। हम छोटे शहरों में कारोबार के बेहतर पुनरुद्धार की उम्मीद कर रहे हैं।’’

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