जरुरी जानकारी | सितंबर में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि की रफ्तार घटकर 3.1 प्रतिशत पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि दर सितंबर में घटकर 3.1 प्रतिशत रह गई। हालांकि, इस दौरान खनन और विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन निचले आधार प्रभाव का असर खत्म होने से आईआईपी की वृद्धि दर सुस्त पड़ी है।
नयी दिल्ली, 12 नवंबर देश के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि दर सितंबर में घटकर 3.1 प्रतिशत रह गई। हालांकि, इस दौरान खनन और विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन निचले आधार प्रभाव का असर खत्म होने से आईआईपी की वृद्धि दर सुस्त पड़ी है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर, 2021 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 2.7 प्रतिशत बढ़ा। आईआईपी में विनिर्माण क्षेत्र का हिस्सा 77.63 प्रतिशत है।
आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में खनन क्षेत्र के उत्पादन में 8.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि बिजली क्षेत्र का उत्पादन 0.9 प्रतिशत बढ़ा।
सितंबर, 2021 में आईआईपी 127.9 अंक रहा, जबकि पिछले साल समान महीने में यह 124.1 अंक था। सितंबर, 2019 में यह 122.9 अंक था। इससे पता चलता है कि निचले आधार प्रभाव का असर अब कम हो रहा है। इस साल मई से औद्योगिक उत्पादन लगातार दो अंक में बढ़ रहा था। इसकी वजह भी निचला आधार प्रभाव है।
आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर, 2020 में औद्योगिक उत्पादन में सुधार हुआ और यह कोविड-पूर्व के सितंबर, 2019 के स्तर को पार कर गया।
आर्थिक गतिविधियां शुरू होने के बाद सितंबर, 2020 में कारखाना उत्पादन एक प्रतिशत बढ़ा था। उसके बाद अक्टूबर में इसमें 4.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। नवंबर में इसमें 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई। दिसंबर, 2020 में यह फिर 2.2 प्रतिशत बढ़ा।
इस साल जनवरी में आईआईपी में 0.6 प्रतिशत और फरवरी में 3.2 प्रतिशत की गिरावट आई। मार्च में यह 24.2 प्रतिशत बढ़ा। अप्रैल में एनएसओ ने आईआईपी के आंकड़े रोक लिए थे।
मई में आईआईपी में 27.6 प्रतिशत और जून में 13.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उसके बाद जुलाई में यह 11.5 प्रतिशत और अगस्त में 12 प्रतिशत बढ़ा।
महामारी की दूसरी लहर अप्रैल के मध्य में शुरू हुई थी। उस समय महामारी की रोकथाम के लिए कई राज्यों ने अंकुश लगाए थे।
सितंबर, 2020 में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि 0.4 प्रतिशत रही थी। वहीं खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.4 प्रतिशत बढ़ा था।
इसी तरह पिछले साल सितंबर में बिजली उत्पादन 4.9 प्रतिशत बढ़ा था।
पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन सितंबर, 2021 में 1.3 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल पहले इसमें 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
पूंजीगत वस्तुओं को निवेश का संकेतक माना जाता है।
सितंबर, 2021 में टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र का उत्पादन दो प्रतिशत घटा है। सितंबर, 2020 में यह 5.3 प्रतिशत बढ़ा था।
वहीं उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन सितंबर में 0.5 प्रतिशत घट गया। एक साल पहले समान महीने में यह 2.4 प्रतिशत बढ़ा था।
पिछले साल मार्च में कोरोना वायरस महामारी की वजह से औद्योगिक उत्पादन में 18.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के चलते अप्रैल, 2020 में औद्योगिक उत्पादन 57.3 प्रतिशत घटा था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 12, 2021 07:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

