मुंबई, 10 जुलाई बजट एयरलाइन इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रोनोजॉय दत्ता को उम्मीद है कि कोविड-19 की मार से प्रभावित विमानन उद्योग अगले डेढ़ साल में फिर पटरी पर आ जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में लगे यात्रा अंकुशों की वजह से विमानन क्षेत्र की मांग प्रभावित हो रही है।
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दत्ता ने शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आयोजित वर्चुअल बैंकिंग और आर्थिक सम्मेलन ‘कारोबार और अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 का प्रभाव’ को संबोधित करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान वाणिज्यिक यात्री उड़ानें निलंबित रहने की वजह से इंडिगो को प्रतिदिन 40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
दत्ता ने कहा, ‘‘हम अपनी जनवरी की सिर्फ 30 प्रतिशत क्षमता पर परिचालन कर रहे हैं। हम और ज्यादा परिचालन करना चाहते हैं लेकिन राज्यों की ओर से विभिन्न अंकुश लगाए गए हैं। इससे मांग प्रभावित हो रही है।’’
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उन्होंने कहा कि इंडिगो अंतर्निहित मांग को लेकर काफी उत्साहित हैं। हालांकि, अभी नियमित अंतरराष्ट्रीय परिचालन की अनुमति नहीं है, लेकिन पश्चिम-एशिया जैसे क्षेत्रों के लिए चार्टर उड़ानों की काफी मांग है।
दत्ता ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार में दूसरे श्रेणी के शहरों से मांग में अच्छी वृद्धि देखने को मिल रही है। हम अंतर्निहित मांग से उत्साहित हैं, लेकिन यात्रा अंकुशों की वजह से मांग प्रभावित हो रही है।’’
अजय
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