नयी दिल्ली, 30 अगस्त भारत का प्रौद्योगिकी उद्योग सात प्रमुख केंद्रों से चंडीगढ़, नागपुर और कानपुर जैसे 26 शहरों में विकेंद्रीकृत हो रहा है।
एक रिपोर्ट में कहा गया कि लगभग 11-15 प्रतिशत तकनीकी प्रतिभा मझोले और छोटे शहरों (टियर-2 और टियर-3) शहरों में है।
डेलॉयट और नैस्कॉम की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में प्रौद्योगिकी उद्योग में काम कर रहे 54 लाख लोगों में ज्यादातर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे के सात प्रमुख शहरों में हैं।
'भारत के उभरते प्रौद्योगिकी केंद्र' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया कि भारत का प्रौद्योगिकी उद्योग सात प्रमुख केंद्रों से 26 शहरों में फैल रहा है। इसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों का भी प्रतिनिधित्व है।
रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 60 प्रतिशत स्नातक सात प्रमुख क्षेत्रों में छोटे शहरों से आते हैं। इनमें से 30 प्रतिशत स्नातक के बाद रोजगार के लिए महानगरों (टियर-1) में चले जाते हैं।
प्रौद्योगिकी केंद्रों की अगली लहर चंडीगढ़, कानपुर, अहमदाबाद, मंगलुरु और नागपुर जैसे शहरों से उभरेगी। इन शहरों को राज्य सरकारों के समर्थन, संचालन की कम लागत और प्रतिभा पूल तक बेहतर पहुंच के चलते लाभ मिल रहा है।
इन उभरते केंद्रों में इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और डब्ल्यूएनएस जैसी कंपनियों का परिचालन एक या अधिक शहरों में है।
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