नयी दिल्ली, 17 सितंबर पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। शांतिनिकेतन में ही कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने एक सदी पहले विश्वभारती की स्थापना की थी।
यूनेस्को ने रविवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में यह घोषणा की। यूनेस्को ने कहा, ‘‘यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शांतिनिकेतन शामिल। भारत को बधाई।’’
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित इस सांस्कृतिक स्थल को यूनेस्को की धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए भारत लंबे समय से प्रयास कर रहा था।
शांतिनिकेतन को इस सूची में शामिल करने का निर्णय सऊदी अरब में विश्व धरोहर समिति के 45वें सत्र के दौरान लिया गया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें खुशी और गर्व है कि शांतिनिकेतन को आखिरकार यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है।
बनर्जी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बिश्व बांग्ला के गौरव, शांतिनिकेतन को कवि ने तैयार किया था और पीढ़ियों से बंगाल के लोगों ने इसका सहयोग किया है। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से हमने पिछले 12 वर्षों में इसके बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय वृद्धि की है और दुनिया अब इस धरोहर स्थल की महिमा को पहचानती है। उन सभी को बधाई जो बंगाल, टैगोर और उनके भाईचारे के संदेशों से प्यार करते हैं। जय बांग्ला, गुरुदेव को प्रणाम।’’
शांतिनिकेतन को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए एक दस्तावेज तैयार करने पर काम करने वाली प्रसिद्ध संरक्षण वास्तुकार आभा नारायण लांबा ने कहा कि वह खबर सुनने के बाद ‘‘खुशी से झूम उठीं।’’
उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘हमने 2009 में दस्तावेज पर काम किया था और शायद तब समय सही नहीं था। लेकिन हम हमेशा शांतिनिकेतन की सुंदरता में विश्वास करते थे और आज इसे यूनेस्को की सूची में देखकर इसकी पुष्टि हुई।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY