जरुरी जानकारी | ‘भारत के मित्र थे ओपेक के महासचिव मोहम्मद बरकिंडो’

नयी दिल्ली, छह जुलाई ओपेक के महासचिव मोहम्मद सानुसी बरकिंडो भारत के मित्र थे। उनका मानना था कि देश की निरंतर स्वस्थ वृद्धि और समृद्धि सऊदी अरब के नेतृत्त्व वाले तेल उत्पादकों के समूह के हित में है।

ओपेक ने बरकिंडो की मृत्यु का कारण बताए बिना एक बयान में कहा कि 63 वर्षीय बरकिंडो का उनके गृह देश में निधन को गया।

बरकिंडो पेट्रोलियम निर्यातक देश के संगठन (ओपेक) में शीर्ष पद पर छह साल रहने के बाद इस महीने के अंत में सेवानिवृत होने वाले थे।

उन्होंने अपनी मृत्यु के कुछ घंटे पहले नाइजीरियाई राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी से मुलाकात की थी और अबुजा में एक ऊर्जा शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया था।

दुनिया के बाकी हिस्सों की तरह भारत भी ओपेक द्वारा उत्पादन पर सख्त नियंत्रण का मुद्दा उठाता रहा है। इसके कारण ऊर्जा की कीमतें और मुद्रास्फीति बढ़ गई है, लेकिन बरकिंडो हमेशा से ही भारत की चिंताओं के प्रति सहानुभूति रखते थे। वह बार-बार राष्ट्र की मांग को पूरा करने का आश्वासन देते थे।

सबसे अधिक बार भारत आने वाले ओपेक नेता होने के नाते उनका एक साल पहले तक पेट्रोलियम मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान के साथ एक अच्छा जुड़ाव था।

बरकिंडो के निधन पर प्रधान ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘‘डॉ. मोहम्मद सानुसी बरकिंडो का निधन वैश्विक ऊर्जा समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है।’’

प्रधान ने कहा, ‘‘वह तेल बाजारों की स्थिरता के पक्ष में थे। वह भारत के साथ-साथ मेरे व्यक्तिगत मित्र भी थे। मैं उनके असामयिक निधन से दुखी हूं और उनके परिवार एवं ओपेक बिरादरी के प्रति सच्ची संवेदना व्यक्त करता हूं।’’

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