मुंबई, नौ जुलाई भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक नूरिया हवेलीवाला (41) की इस सप्ताह की शुरुआत में मुंबई के एक अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
नूरिया को 2010 में नशे में गाड़ी चलाने के एक मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि हवेलीवाला को जनवरी 2010 में दक्षिण मुंबई के मरीन लाइंस इलाके में नशे में गाड़ी चलाने और पुलिस अधिकारी दीनानाथ शिंदे तथा मोटरसाइकिल चालक अफजल इब्राहिम को कुचलने का दोषी ठहराया गया था। एक निचली अदालत ने उसे पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
उन्होंने बताया कि सजा पूरी करने के बाद हवेलीवाला अपनी मां अलीफ्या (88) के साथ कोलाबा की अलीपुर ट्रस्ट बिल्डिंग में रहती थी।
अधिकारी ने बताया कि वह कथित तौर पर अवसाद में थी और उसका इलाज चल रहा था। उन्होंने कहा कि मंगलवार को चर्नी रोड स्थित सैफी अस्पताल में उसका निधन हो गया।
हवेलीवाला की मां ने कोलाबा पुलिस को अपनी बेटी की मौत की जानकारी दी, जिसे दस्तावेजी रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
अधिकारी ने बताया कि एलटी मार्ग पुलिस अब उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ उसकी अपील पर सुनवाई की अगली तारीख पर बंबई उच्च न्यायालय को उसकी मौत के बारे में सूचित करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘कोलाबा पुलिस को सूचित किया गया कि आंशिक उच्च रक्तचाप और लिवर संबंधी बीमारी के कारण चार जुलाई को उसकी मौत हो गई। हमने एलटी मार्ग पुलिस थाने के साथ भी जानकारी साझा की है, जहां मामला दर्ज किया गया था।’’
पुलिस ने दावा किया था कि ब्यूटीशियन और हेयर स्टाइलिस्ट के रूप में काम करने वाली हवेलीवाला ने मालाबार हिल के एक फ्लैट में और बाद में मुंबई सेंट्रल के एक पब में दोस्तों के साथ पार्टी की थी, जिसके बाद वह बीयर लेने के लिए एक ठेके पर गई थी।
इसने कहा था कि बाद में उसने अपनी कार एक पुलिस जांच चौकी से टकरा दी, जिसमें पुलिस उपनिरीक्षक दीनानाथ शिंदे और मोटरसाइकिल चालक अफजल इब्राहिम की मौत हो गई।
एलटी मार्ग पुलिस ने हवेलीवाला के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालाँकि उसके खिलाफ प्राथमिक आरोप गैर इरादतन हत्या का था, लेकिन उस पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया था, क्योंकि जांच से पता चला था कि घटना के समय वह शराब और मादक पदार्थ के नशे में थी।
हवेलीवाला को 30 जनवरी, 2010 को गिरफ्तार किया गया था और लगभग तीन महीने बाद, चार अप्रैल, 2010 को उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
अधिकारी ने कहा कि हवेलीवाला ने अमेरिका में 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई की थी, जहां वह अपने माता-पिता के साथ रहती थी। उन्होंने कहा कि अपने माता-पिता के भारत आने के बाद उसने कोडाइकनाल के एक कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की।
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