देश की खबरें | जीसीएनईपी के साथ सहयोग के संदर्भ में सहमति-पत्र की अवधि को भारत-अमेरिका ने बढ़ाया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर भारत और अमेरिका ने वैश्विक परमाणु ऊर्जा साझेदारी केंद्र (जीसीएनईपी) के साथ सहयोग के संदर्भ में दोनों देशों के बीच सहमति-पत्र की अवधि मंगलवार को बढ़ाने की घोषणा की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर तथा उनके अमेरिकी समकक्षों विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ व रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर के बीच हुई टू प्लस टू रणनीतिक वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान के मुताबिक अमेरिका ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के शीघ्र प्रवेश के लिये अपने “लगातार मजबूत समर्थन” को दोहराया।

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इसमें कहा गया, “भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक असैन्य परमाणु करार को याद करते हुए मंत्रियों ने न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) और वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक कंपनी (डब्ल्यूईसी) के बीच कोवाडा (आंध्र प्रदेश) में छह परमाणु रियेक्टरों के निर्माण के लिये परियोजना जिम्मेदारियों के बंटवारे के सिद्धांत का स्वागत करते हुए विस्तृत जिम्मेदारियों के बंटवारे की उम्मीद जताई जिससे तकनीकी-व्यावसायिक पेशकश का मार्ग प्रशस्त होगा।”

बयान में कहा गया कि मंत्रियों ने भारत और अमेरिकी सरकार के बीच “भारत के वैश्विक परमाणु ऊर्जा साझेदारी केंद्र के सहयोग से संबंध में” एमओयू के विस्तार का स्वागत किया।

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जीसीएनईपी हरियाणा में परमाणु ऊर्जा विभाग के तत्वावधान वाला एक शोध एवं विकास संस्थान है।

भारत और अमेरिका रक्षा,अंतरिक्ष और परमाणु क्षेत्र में मजबूत सहयोग की साझेदारी करते हैं।

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