कोलकाता, 24 जून : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को इजराइल-ईरान संघर्ष पर चिंता व्यक्त की और कहा कि भारत को शत्रुता रोकने के लिए कूटनीतिक पहल करनी चाहिए. इजराइल और ईरान ने एक सप्ताह पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से एक-दूसरे के सैन्य और सामरिक केंद्रों पर सैकड़ों मिसाइलें तथा ड्रोन दागे हैं. अमेरिका के रविवार सुबह ईरान के तीन प्रमुख परमाणु केंद्रों पर बमबारी करने के बाद तनाव और बढ़ गया है. ममता ने विधानसभा में पर्यावरणीय मुद्दों पर चर्चा के दौरान कहा, ‘‘दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध छिड़ गया है. ऐसे संघर्षों के कारण वायु और जल प्रदूषण हो रहा है. हमें इसे रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कूटनीतिक और शांतिपूर्ण तरीके से हमें पहल करनी चाहिए ताकि युद्ध रुक जाए. मैं भारत सरकार के अधीन आने वाले विदेश मामलों और कूटनीतिक मुद्दों पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हूँ. यह इस दुनिया के एक जागरूक नागरिक के रूप में मेरा निजी विचार है.’’
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटाल में बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए ममता ने दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) की आलोचना की क्योंकि बार-बार याद दिलाने के बावजूद वह मैथन और पंचेत बांधों में गाद निकालने में विफल रहा है. उन्होंने डीवीसी पर राज्य सरकार को सूचित किए बिना बारिश के दौरान अपने बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़ने का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पर्यावरणीय मुद्दों पर राज्यों पर अपना फरमान थोप रही है. उन्होंने कहा कि राज्य ने अपने प्रयासों के माध्यम से प्रदूषण से निपटने की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई है. उन्होंने दावा किया, ‘‘बिहार, दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों को देखिए. उनका प्रदूषण स्तर बहुत अधिक है.’’ यह भी पढ़ें : गाजा में इजराइल-हमास युद्ध में 56000 से अधिक लोगों की जान गयी: फलस्तीनी स्वास्थ्य प्रशासन
ममता ने कहा कि बंगाल की ‘पर्यावरण बचाओ’ पहल के तहत राज्य ने जल निकायों को संरक्षित करने के लिए 4.5 लाख तालाब खोदने का लक्ष्य रखा है. सोमवार को विधानसभा में हुई अराजकता का जिक्र करते हुए ममता ने कहा, ‘‘जिन लोगों ने मार्शलों पर हमला किया और माइक्रोफोन तोड़ दिए, वे अब आरोप लगा रहे हैं. मैंने सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात की है और सुना है कि उन्हें क्या झेलना पड़ा.’’ उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया था कि उसके सदस्यों पर सुरक्षाकर्मियों ने हमला किया था. ममता ने कहा, ‘‘मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगी कि जनप्रतिनिधियों को विधानसभा में उपस्थित रहना चाहिए और प्रश्न उठाने चाहिए. मैं यह कह सकती हूं कि अन्य विधानसभाओं के मुकाबले पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी सदस्यों को बोलने के लिए अधिक समय मिलता है.’’ उन्होंने एअर इंडिया का नाम लिए बगैर अहमदाबाद में हुए विमान हादसे पर चिंता जतायी और कहा, ‘‘लोग विमान और रेलगाड़ी से यात्रा करने में डर रहे हैं.’’













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