नयी दिल्ली, एक फरवरी भारत ने मालदीव की आंतरिक राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।
मालदीव राजनीतिक संकट से जूझ रहा है, क्योंकि मुख्य विपक्षी दल ‘मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी’ (एमडीपी) कुछ जटिल मुद्दों से निपटने के सरकार के तरीके को लेकर राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग लाने की योजना बना रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘यह मालदीव का आंतरिक मामला है और हम इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे।’’
वह प्रेस वार्ता के दौरान मालदीव में राजनीतिक स्थिति से संबंधित सवालों का जवाब दे रहे थे।
मालदीव की संसद में रविवार को राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के मंत्रिमंडल में चार सदस्यों को मंजूरी देने पर हुए मतभेद को लेकर सरकार समर्थक सांसदों और विपक्षी सांसदों के बीच झड़प हो गई थी।
मुख्य विपक्षी दल एमडीपी ने कैबिनेट पर मतदान से पहले राष्ट्रपति मुइज्जू के मंत्रिमंडल के चार सदस्यों की संसदीय मंजूरी रोकने का फैसला किया। इसके बाद सरकार समर्थक सांसदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे संसदीय बैठक की कार्यवाही बाधित हो गई थी।
नवंबर में मुइज्जू (45) के सत्ता में आने के बाद से भारत और मालदीव के बीच संबंधों में कुछ तनाव देखा जा रहा है।
मुइज्जू को व्यापक रूप से चीन समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है। उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कहा था कि वह भारतीय सैन्यकर्मियों को अपने देश से बाहर निकालने के अपने चुनावी वादे को निभाएंगे।
मालदीव में एक चीनी सर्वेक्षण पोत की यात्रा के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा उन घटनाक्रम पर करीबी नजर रखता है, जो उसके आर्थिक और सुरक्षा हितों को प्रभावित करते हैं।
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