नयी दिल्ली, 29 सितंबर विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने मंगलवार को कहा कि बहुआयामी पहलों और विशेषज्ञता के साथ भारत दक्षिण एशियाई देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है ताकि आपदाओं को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पिछले साल गठित आपदा प्रबंधन अवसंरचना संबंधी गठबंधन (सीडीआरआई) विभिन्न देशों के लिए खास पहल और वैश्विक गतिविधियों का संचालन करेगा। साथ ही यह आपदा प्रबंधन अवसंरचना प्रणालियों में निवेश की सुविधा के लिए एक मंच के रूप में भी काम करेगा।
यह भी पढ़े | Tamil Nadu Extends Lockdown: तमिलनाडु में लॉकडाउन कुछ रियायतों के साथ 31 अक्टूबर तक बढ़ाया गया.
उन्होंने कहा कि भारत भाग लेने वाले देशों में से एक है और आपदा कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय रणनीति के साथ मिलकर काम करता है। वह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत आपदा प्रबंधन की खातिर विचारों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए कई देशों के साथ मिलकर काम करता रहा है।
मुरलीधरन ने कहा, ‘‘हम ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां प्राकृतिक आपदाएं राष्ट्रीय सीमाओं को नहीं मानती हैं। हम इंडोनेशिया में सुमात्रा के पश्चिमी तट पर आए भूकंप के कारण 2004 की सुनामी को नहीं भूले हैं।’’
उन्होंने कहा कि सुनामी 5,000 किमी से अधिक की दूरी तय कर सोमालिया के पूर्वी तट तक पहुंच गयी थी जिससे जानमाल का भारी नुकसान हुआ।
मंत्री ने कहा कि दुनिया, प्रभावित लोगों को राहत देने में एक साथ आगे आयी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY