देश की खबरें | आईआईएम-कोझिकोड में भारत-जापान अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र स्थापित होगा

कोझिकोड (केरल), 25 जुलाई भारत एवं जापान के बीच पारस्परिक हित के विशिष्ट क्षेत्रों में प्रबंधन शिक्षा और अनुसंधान दक्षताओं को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान कोझिकोड (आईआईएम-के) में ‘‘भारत-जापान अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र’’ स्थापित किया जाएगा।

यहां एक बयान में कहा गया कि इस प्रबंधन संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की हालिया बैठक में संस्थान की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा एवं ‘भारतीय विचारधारा के वैश्वीकरण’ के लिए उसकी प्रतिबद्धता के मद्देनजर इस अध्ययन केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

अध्ययन केंद्र की स्थापना की घोषणा करते हुए आईआईएम-के के निदेशक देबाशीष चटर्जी ने कहा कि भारत और जापान का द्विपक्षीय विकास सहयोग का लंबा इतिहास रहा है।

बयान में उनके हवाले से कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंध, विशेष रूप से आर्थिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक क्षेत्रों में, नयी ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों की रुचि के वर्तमान परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हमने इस अध्ययन-सह-अनुसंधान केंद्र की स्थापना की है।’’

चटर्जी ने कहा कि आपसी हित के क्षेत्रों में ज्ञान और दक्षताओं के हस्तांतरण के लिए यह पहल शुरू की जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा के विभिन्न जापानी संस्थानों के साथ अनुसंधान सहयोग और छात्रों के आदान-प्रदान कार्यक्रमों की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इससे अनुसंधान, प्रशिक्षण और अन्य प्रबंधन विकास कार्यक्रमों के माध्यम से भारत में जापान और जापान में भारत की समझ को भी बढ़ावा मिलेगा।

जापान से अध्ययन केंद्र गतिविधि पर आईआईएम-के को सलाह देने के लिए कीयो यूनिवर्सिटी, जापान के राजीब शॉ को विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया है।

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